हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। देश के जाने-माने पत्रकार अच्युतानंद मिश्र ने कहा कि पत्रकारिता की ताकत के बल पर देश को आजादी मिली थी,आज बदलते जमाने के साथ परिस्थितियां बदल रही है,पत्रकारों को इस बात पर चिन्तन करना होगा कि पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर सवाल क्यों उठ रहे है। उन्होंने कहा कि नये दौर में पत्रकारिता के सामने चुनौतियां और ज्यादा बढ़़ी है, अच्युतानंद मिश्र वृहस्पतिवार को प्रेस क्लब हरिद्वार द्वारा आयोजित मौजूदा परिवेश में पत्रकारिता की चुनौतियां विषयक संगोष्ठी और सम्मान समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पत्रकारों को हिन्दी पत्रकारिता दिवस की बधाई देते हुए कहा कि हिन्दी पत्रकारिता का इतिहास बहुत पुराना है आजादी की लड़ाई के दौर से ही पत्रकारिता आंदोलन के रूप में अपनी भूमिका निभाती रही। उन पत्रकारों की जीवटता को कभी भुलाया नही जा सकता,जो स्वतंत्रता आंदोलन के सेनानी भी थे,पत्रकार भी थे,जेल भी जाते थे और जेल से छूटकर फिर पत्रकारिता करते थे। उन्होंने हिन्दी पत्रकारिता के बेहद कठिन दौर पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमें उस दौर के पत्रकारों से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नये दौर में भी पत्रकारिता के सामने अनेक चुनौतियां है,उन सभी के साथ सामंजस्य बैठाते हुए हमें पत्रकारिता की शुचिता और निष्पक्षता के लिये कार्य करना होगा। विशिष्ट अतिथि समाजसेवी यू.सी.जेैन ने कहा कि अखबारों में व्याकरण के साथ इंसाफ नही किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों में विशिष्ट और अतिविशिष्ट लोगों के नाम के साथ सम्मानजनक विशेषणों का प्रचलन नही किया जाना उचित नही है। पत्रकारिता को जोखिम भरा व्यवसाय बताते हुए उन्होंने समाज और राष्ट के निर्माण में पत्रकारों के सहयोग को सराहा। अध्यक्षता कर रहे जयराम आश्रम के परमाध्यक्ष बं्रहमस्वरूप ब्रहमचारी ने कहा कि गंगा और लेखनी दोनों निर्मल और पवित्र होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता दिवस का अवसर भाषणों का नही,बल्कि आत्म मंथन का दिवस है। हमें यह चिन्तन करना चाहिए कि हम पत्रकारिता के माध्यम से क्या परोस रहे हैं और देश आॅर समाज हमारे से अपेक्षा क्या करता है। उन्होंने पत्रकारिता के बदलते स्वरूप पर चिंता भी जताई । कार्यक्रम संयोजक बृजेन्द्र हर्ष के संचालन में हुये कार्यकम में गुरूकुल कांगड़ी विवि के पत्रकारिता पाठयक्रम के बीते वर्ष के टाॅपर रहे ईश्वर तिवारी को संत हरिश्चन्द्र सिंह भाटी स्मृति सम्मान,देवसंविवि के हिन्दी पत्रकारिता की टाॅपर छात्रा ईशा उपाध्याय को योगी शोभानाथ स्मृति सम्मान तथा उत्तराखंड संस्कृत विवि की टाॅपर छात्रा कुमारी रितु को बाबा राम स्वरूप फरलिया स्मृति सम्मान के रूप् में स्वर्ण पदक तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान किये गये। क्लब के अध्यक्ष राजेश शर्मा, पूर्व अध्यक्ष प्रो.पी.एस.चैहान, डाक्टर रजनी कांत शुक्ला और गंगा सभा के अध्यक्ष प्रदीप झा ने विचार रखे। सह संयोजक संजय आर्य,दीपक नौटियाल, कोष सचिव राजकुमार, कौशल सिखौला, डा.रमेश खन्ना, गोपाल रावत, जिला सूचना अधिकारी श्रीमती अर्चना, राम चन्द्र कन्नौजिया, अविक्षित रमन, संजय रावल, सुनील दत्त पाण्डे, अनुप सिंह गुलशन नैयय्र, प्रवीण झा, श्रवण कुमार झा, बालकृष्ण शास़्त्री, धमेन्द्र चैधरी, आशीष मिश्रा, गोस्वामी गगन दीप,राजेन्द्र नाथ गोस्वामी, अवधेश शिवपुरी, राधेश्याम विद्याकुल, कुमार दुष्यंत, अमित कुमार गुप्ता, कुलभूषण शर्मा, मुदित अग्रवाल, रामेश्वर शर्मा, जयपाल सिंह, अमित शर्मा, के.के.पालीवाल, नरेश दीवान शैली, तनवीर अली, नरेश गुप्ता, अनिरूद्व भाटी, ललितेन्द्र नाथ, दीपक मिश्रा, अश्वनी अरोड़ा, अमर सिंह, बृजपाल, टी0सी0भटट्, ठाकुर शैलेन्द्र सिंह, विक्रम छाछर, अनिल भास्कर, राधिका नागरथ, सुदेश आर्य, कुमकुम शर्मा, धमेन््रद्र चैधरी, मयूर सैनी, विकास चैहान, मुकेश वर्मा, डी.एस.वर्मा, परविन्द्र कुमार , मनोज खन्ना, परमजीत सिंह राणा,जितेन्द्र चैरसिया, अश्वनी शर्मा, सुभाष कपिल, एहसान अंसारी, शिवा अग्रवाल, रोहित सिखौला, आशु शर्मा के अलावा गंगा सभा के पूर्व अध्यक्ष पुरूषोत्तम शर्मा गाॅधीवादी, भाजपा नेत्री अनु कक्कड़, पूर्व पालिका अध्यक्ष प्रदीप चैधरी, हेमन्त साहू, प्रसिद्व चिकित्सक डा.सुनील जोशी, डा.सुनील बतरा, संजय माहेश्वरी, एन.क.ेगर्ग, कांग्रेस नेत्री पूनम भगत,डा.विशाल गर्ग, पार्षद अनिल मिश्रा, विदित शर्मा, जे.पी.पाण्डे, जे.पी.बड़ोनी , कैलाश केशवानी, भगवत अग्रवाल, मनु रावत, माधवी भटट्ाचार्या सहित बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य लोगों ने भाग लिया। महामंत्री महेश पारीक और कोष सचिव राज कुमार ने सभी का आभार जताया।



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