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(इमरान देशभक्त ब्यूरो) रुड़की। सुनहरा रोड स्थित पांच सौ वर्ष पुराने वटवृक्ष पर 10 मई सन् 1857 की क्रांति के सैकड़ों गुमनाम शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आरंभ 10 मई सन् 1857 की क्रांति के


शहीदों की आत्मा की शांति के लिए पंडित वेद प्रकाश शास्त्री द्वारा वैदिक यज्ञ एवं भजनों के माध्यम से मंत्रोच्चारण से हुआ। कार्यक्रम में पहुंचे अतिथिगणों द्वारा शहीदों को वटवृक्ष के नीचे श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा तिरंगा ध्वज फहरा कर राष्ट्रीय एकता व अखंडता का संकल्प दोहराया गया। श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम में अतिथि के रूप में पहुंचे राज्य विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि हमें जो आजादी प्राप्त हुई है वह देश के अनगिनत उन शहीदों की बदौलत प्राप्त हुई जिन्होंने अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए सब कुछ न्योछावर कर दिया था। उन्होंने कहा कि यह वटवृक्ष आज सैकड़ों वर्षो के पश्चात भी बात का गवाह है कि यहां के निवासियों ने अंग्रेजो के खिलाफ जो आजादी का बिगुल बजाया वह हमें हमेशा उन शहीदों की याद दिलाता रहेगा। उन्होंने कहा कि यहां पर हर वर्ष विशाल श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर उन शहीदों की आत्मा की शांति के लिए यज्ञ में हमें अपने आहूती देनी चाहिए, यही उन्हें हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मुंबई से पधारे आर्यसमाज के वरिष्ठ नेता यज्ञमुनि महाराज ने कहा कि देश की आजादी के लिए अनगिनत लोगों का दिया गया बलिदान हमें हमेशा उनका स्मरण कराता रहेगा। आज हमें अपने देश को मजबूत बनाने के लिए एकजुट होकर कार्य करना होगा तथा बेरोजगारी, अशिक्षा, अन्याय व भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष करना होगा। इस अवसर पर स्वामी यतीस्वरानंद जी महाराज, विधायक देशराज कर्नवाल, पूर्व सांसद हरपाल सिंह साथी, पूर्व मंत्री रामसिंह सैनी, सुमन सिंह आर्य रिमेश्वर कुलश्रेष्ठ, हाजी सलीम खान, श्यामवीर सिंह सैनी, सुभाष सरीन, जल सिंह सैनी, गौरव गोयल, राजकुमार सैनी, नवीन कुमार जैन, अरविंद कश्यप, मौलाना अरशद कासमी, जवाहरलाल आर्य, सुखबीर सिंह, डॉक्टर चेतन दास, बलजीत सिंह, किसलय क्रांतिकारी, धीरेंद्र सैनी, प्रमोद गोयल, विकास निर्भय, इरशाद सेवक, अरविंद प्रधान, मान सिंह राठी, पवन देव, तनुज राठी सैयद नफीस, पप्पू कश्यप, चेतराम आर्य, राजपाल सिंह, रामगोपाल शर्मा एडवोकेट आदि अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। संचालन प्रधान हरपाल सिंह सैनी द्वारा किया गया।
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