हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मौहम्मद आरिफ) हरिद्वार। उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की मा0 अध्यक्ष श्रीमती ऊषा नेगी द्वारा रोशनाबाद स्थित राजकीय बालगृह, संप्रेक्षण गृह तथा राजकीय विशेष गृह का निरीक्षण किया। निरीक्षण में श्रीमती नेगी ने कहा कि हमेशा व्यवस्थाओं की कमी का रोना न रोया जाए। अपितु उपलब्ध संसाधनों में ही अच्छा कार्य करने का प्रयास किया जाए। मानव संसधान तथा अन्य साधन एवं आवश्यकताओं हेतु आयोग को पत्र लिखें, जिससे शासन को अवगत कराया जा सके। श्रीमती नेगी ने बालगृह में स्थित रसोई घर का निरीक्षण करते हुए राजकीय बालगृह के अधीक्षक विजय दीक्षित को खाने की गुणवत्ता में सुधार लाने के निर्देश दिये। साथ ही शौचालय आदि में सफाई व्यवस्था पर भी अतिरिक्त ध्यान दिये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने बाल गृह के छोटे अनाथ बच्चों के एडोप्शन के प्रयास के निर्देश दिये, जिससे इन अनाथ बच्चों को परिवार मिल सकें। साथ ही कहा कि एडोप्शन की प्रक्रिया में पूरी तरह से एहतियात बरतें। श्रीमती नेगी ने बच्चों द्वारा बनाई गई पेंटिंग, फूलदान आदि का निरीक्षण कर उसकी प्रशंसा की। सम्प्रेक्षक गृह तथा राजकीय विशेष गृह रोशनाबाद का निरीक्षण करते हुए सजायाफ्ता तथा अंडर ट्रायल बच्चों से मिलकर उन्हें आने वाले जीवन में किसी भी प्रकार से अपराध से बचने तथा अच्छा नागरिक बनने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि अपना जीवन समाज के लिए अच्छा उदाहरण बनें, कोई ऐसा कार्य न करें जिससे परिवार की बदनामी हो। उन्होंने कहा कि बुरे कर्म का फल हमेशा बुरा ही होता है। श्रीमती नेगी ने बालगृह, सम्प्रेक्षक गृह तथा राजकीय विशेष गृह में बच्चों की कांउसलिंग कराने के निर्देश भी दिये। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का वहन पूरी ईमानदारी से करने तथा इन बच्चों को मुख्यधारा में लाया जा सके। इस अवसर पर उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्या सीमा डोरा, पीएस कमल गुप्ता तहसीलदार हरिद्वार, आशीष चन्द घिल्डिीयाल, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति विनोद कुमार शर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी रणजीत बर्थवाल, जिला संरक्षण अधिकारी बेबी नाज, मुख्य शिक्षा अधिकारी आर.डी. शर्मा, सीओ सिटी अभय सिंह आदि उपस्थित थे।
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