हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। मदर डे के मौके पर बिरला घाट पर माँ गंगा के समीप माँ गंगा की विशेष पूजा-अर्चना, माँ गंगा मे दुध-अभिषेक के साथ भजन कीर्तन कर माँ गंगा के संरक्षण के लिए गोष्टी का आयोजन किया कार्यक्रम सामाजिक संस्था गंगा पहरी द्वारा किया गया गंगा संरक्षण गोष्टी के माध्यम से राज्य सरकार से माँ गंगा की पवित्रता बनाए रखने में वैष्णो देवी की तर्ज पर माँ गंगा के संरक्षण के लिए उत्तराखंड साइन बोर्ड का गठन किए जाने की मांग की। गंगा गोष्टी में घाटों पर फूल प्रसाद बेचने वाले सभी लोगों व्यापारियों ने अध्यक्ष ओमप्रकाश भाटिया के संयोजन में संकल्प लिया के घाटों पर फूल प्रसाद बेचने वाले सभी लघु व्यापारी आने वाले तीर्थ यात्रियों को फूल प्रसाद बेचते समय गंगा की पवित्रता के लिए जागरूक करेंगे और घाटों पर साबुन से स्नान कर रहे प्रत्येक व्यक्ति को माँ गंगा के ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा।
गंगा गोष्टी में अपने रचनात्मक सुझाव देते हुए पूर्व कृषि उत्पादन मंडी समिति अध्यक्ष संजय चोपड़ा ने कहा माँ गंगा के संरक्षण के लिए यदि राज्य सरकार एक सार्थक पहल के साथ वैष्णो देवी की तर्ज पर  उत्तराखंड के सभी मठ मंदिरों  के साथ-साथ माँ गंगा, यमुना, अलकनंदा, मंदाकिनी सभी नदियों के संरक्षण के लिए उत्तराखंड साइन बोर्ड का गठन करना न्याय संगत होगा माँ गंगा के संरक्षण के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार की जो योजना चल रही है उनसे गंगा के घाटों के निर्माण तो हो रहे हैं लेकिन गंगा में खनन युद्ध स्तर पर है वहीं गंगा  जी की पवित्रता व निर्मलता को बनाए रखने के लिए उत्तराखंड के सभी मठ-मंदिरो व नदियों को सम्मलित कर उत्तराखंड साइन बोर्ड का गठन किया जाना अत्यंत आवश्यक है उन्होंने कहा राज्य में जल जोन पुलिस तो है लेकिन उसके अधिकार बड़े सीमित है अलग से उत्तराखंड साइन बोर्ड के अधीन गंगा सेना का गठन किया जाए ताकि गंगा के घाटों पर प्रदूषण फैलाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई हो सके।
गोष्टी में पंडित चंद्र प्रकाश, मनीष शर्मा, विमल कुमार ने संयुक्त रूप से कहा गंगा की पवित्रता बनाए रखने के लिए विशेष रूप से जो घाटों पर दिन प्रतिदिन अपना स्वरोजगार करते हैं यदि ईमानदारी के साथ यह सभी लोग यह ठान लें कि कोई भी व्यक्ति माँ  गंगा में कूड़ा-करकट व साबुन से स्नान, कपड़े धोने जैसे कार्य जो कि गंगा की निर्मलता को दूषित करते हैं ऐसे लोगों को शालीनता के साथ गंगा के महत्व व पर्यावरण के प्रति जागरूक किए जाने के लिए ईमानदारी के साथ प्रयास करने होंगे उन्होंने कहा उत्तराखंड में गोमुख से हरिद्वार तक गंगा की पवित्रता, निर्मलता, अविरलता निरंतर बह रही है इसलिए गंगा का प्रदूषण जग जाहिर नहीं होता है जबकि सच्चाई दुनिया के सामने है हरिद्वार क्षेत्र के कई बरसाती नाले जो कि गंगा में गीर रहे हैं प्रत्यक्ष रूप से देखे जा सकते हैं यदि सरकार ईमानदारी के साथ गंगा के संरक्षण के लिए उत्तराखंड के मठ मंदिरों के संरक्षण के लिए जम्मू कश्मीर की तर्ज पर उत्तराखंड साइन बोर्ड का गठन किया जाना स्वागत योग्य कदम होगा। बिरला घाट पर आयोजित गंगा संरक्षण के लिए गंगा गोष्टी को संबोधित करते राजेश खुराना, आरएस रतूड़ी, पंडित भीम सिंह, साधु शरण, वीरेंद्र कुमार, मोहनलाल, छोटलाल शर्मा, रविंद्र राजपूत, राजकुमार, हंसराज अरोड़ा, मनीष, पवन कुमार, देवेश गुप्ता, नंदकिशोर शर्मा, कृष्ण हंस, विजय कुमार, विनोद कुमार, पंडित चुन्नीलाल आदि ने प्रमुख रूप से संबोधित किया।
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