हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार। मेरठ निवासी मूलचंद शर्मा की 15 वर्षीय पुत्री मनु शर्मा घर से गुस्से में नाराज होकर हरिद्वार में घर से भागकर आ गयी। उसके बाद वह प्रेम नगर आश्रम घाट पर फिसल कर गंगा में डूब रही थी कि तभी चेतक 15 के सिपाही और उप निरक्षक अरविंद रतूड़ी देवदूत बनकर आये। डूब रही मनु को जनता की सहायता से गंगा से सुरक्षित बाहर निकाला। उसके बाद उसे पुलिस चौकी रेल थाना ज्वालापुर ले गए। लड़की से बड़े ही मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ कर घर का नंबर लेकर उसके घरवालों से संपर्क किया। मेरठ से उन्हें ज्वालापुर बुलाकर लड़की को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। लड़की को गंगा में से सुरक्षित बचाने और उसकी काउंसलिंग करने में उप निरीक्षक अरविंद रतूड़ी कांस्टेबल जितेंद्र कांस्टेबल वीर सिंह शामिल रहे।
(गगन शर्मा) हरिद्वार। मेरठ निवासी मूलचंद शर्मा की 15 वर्षीय पुत्री मनु शर्मा घर से गुस्से में नाराज होकर हरिद्वार में घर से भागकर आ गयी। उसके बाद वह प्रेम नगर आश्रम घाट पर फिसल कर गंगा में डूब रही थी कि तभी चेतक 15 के सिपाही और उप निरक्षक अरविंद रतूड़ी देवदूत बनकर आये। डूब रही मनु को जनता की सहायता से गंगा से सुरक्षित बाहर निकाला। उसके बाद उसे पुलिस चौकी रेल थाना ज्वालापुर ले गए। लड़की से बड़े ही मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ कर घर का नंबर लेकर उसके घरवालों से संपर्क किया। मेरठ से उन्हें ज्वालापुर बुलाकर लड़की को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। लड़की को गंगा में से सुरक्षित बचाने और उसकी काउंसलिंग करने में उप निरीक्षक अरविंद रतूड़ी कांस्टेबल जितेंद्र कांस्टेबल वीर सिंह शामिल रहे।



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