हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार। पिछले कुछ दिनों से एक मैसेज वाटसअप पर वायरल हो रहा है जिसमें यह बताने की कोशिश की जा रही हैं कि शिक्षण संस्थानों में जून के महीने की फीस नही देनी होगी। इसकी सत्यता  की पुष्टि  जब खंड शिक्षा अधिकारी  बहादराबाद से की गई तो इसके जवाब में खण्ड शिक्षा अधिकारी बहादराबाद अजय कुमार चौधरी ने बताया कि यह मैसेज पूरी तरह से फर्जी है  संभवत यह मैसेज भारत देश से बाहर का है, अपने प्रदेश के स्कूलों से इसका कोई सम्बन्ध नही है । जब तक विभागीय स्तर से इससे सम्बंधित कोई  आदेश नही आता हैं, प्राइवेट स्कूलों में जून  की फीस के संबन्ध में यथा स्थिति बरकरार रहेगी। 

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प्राइवेट स्कूल की टीचर काजल शर्मा का कहना है कि इतनी कड़ी मेहनत और महंगी फीस देने के बाद और बी.एड करने के बावजूद प्राइवेट स्कूल वाले खुद तो बच्चों से अच्छी खासी फीस लेकर मलाई खाते हैं, बदले में मात्र 3 से 5 या 6 हजार वेतन देते हैं। प्राइवेट अध्यापक कोई बंधुवा मजदूर नही जो उन्हें सम्मान पूर्वक वेतन न मिले। उस अध्यापिका को जनपद प्रशासन और राज्य सरकार से भी अपेक्षा है कि वो प्राइवेट शिक्षकों के होने वाले आर्थिक शोषण पर ठोस कार्यवाही करे। सूत्रों यह भी जानकारी मिलीं है कि कुछ शिक्षण संस्थान छात्रों से तो वर्ष के सभी महीनों की फीस लेते हैं, मगर अपने स्टाफ को जून के महीने की सैलरी नही देते हैं। ऐसे प्राइवेट अध्यापकों को सहने की अपेक्षा शोषण करने वाले शिक्षण संस्थानों के विरुद्ध सम्बंधित जिम्मेदार अधिकारियों के संज्ञान में मामले को डालना चाहिए।
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