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(इमरान देशभक्त ब्यूरो) रुड़की। मुफ्ती मोहम्मद सलीम ने कुरान करीम की अहमियत और तालीमे दीन पर जोर देते हुए कहा कि मदारिस इस्लामिया की जरूरत आज पहले से कहीं ज्यादा है। उन्होंने कहा कि दीन और दुनिया की तालीम हासिल कर कौम के बच्चों को अपना भविष्य सुंदर बनाने की जरूरत है। माहीग्रान चौक स्थित जुमला अराकीन मरकज सुफफतुल इस्लाम की तरफ से आयोजित तकरीब ए कलामुल्लाह शरीफ जलसे में मदरसे के पच्चीस बच्चों के कुरान हिफ्ज (कंठस्थ) करने वाले तलबा की दस्तारबंदी के मौके पर व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि दुनियावी शिक्षा के साथ-साथ दीनी तालीम मुसलमानों को अपने बच्चों को दिलानी चाहिए। दीनी तालीम से बच्चों में इखलाक और खुलूस पैदा होता है। इंसान का इखलाक अच्छा हो तो मां-बाप और उस्ताद का नाम भी रौशन होने के साथ ही सेहतमंद और अच्छे वातावरण की उत्पत्ति होती है, वहीं दीन और इकलाख की कमी के कारण बच्चों में बिगाड़ पैदा होता है, जिसका बुरा असर परिवार और समाज पर पड़ता है। मौलाना अजहर उल हक ने कुरान करीम के हिफ्ज करने वाले बच्चों की उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि इंसान के इखलाक से ही उसके किरदार का पता चलता है। उन्होंने मां बाप से अपील की कि वह अपने नौनिहालों को पहले दीनी तालीम दिलाएं और बाद में उन्हें आधुनिक शिक्षा ग्रहण कर इंजीनियर, डॉक्टर बनाएं। अतिथि के रूप में पहुंचे डॉक्टर नैयर आजम काजमी ने बच्चों की अच्छी तालीम दिए जाने पर जोर देते हुए कहा कि आज के समय में दीनी और आधुनिक शिक्षा हासिल करना बहुत जरूरी है। कुरान हिफ्ज करने वाले सभी बच्चों को उन्होंने मोमेंटो देकर सम्मानित किया तथा उनके उज्जवल भविष्य की कामना भी की। उन्होंने परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने वाले बच्चों को भी सम्मानित किया। मदरसा संचालक मौलाना अब्दुल बारिक ने बताया की स्कूली तालीम हासिल करने के बाद अल्प समय में बच्चों ने कुरान हिफ्ज एक नया कारनामा अंजाम दिया है।जलसे का आगाज तिलावते कलाम ए पाक से हुआ और अंत में दुआ हुई। इस मौके पर कारी निसार कासमी, मौलाना मआज नदवी, कारी शमीम रहमानी, कारी फरमान अली, कारी मोहम्मद अकरम, मौलाना अतहर हक्कानी, मौलाना मोहम्मद आजम, कारी सईद अहमद, कारी सईद अहमद, हाजी शमसुद्दीन, हाजी मोहम्मद असलम, चौधरी मोहम्मद सलीम, हाजी शराफत अली आदि मौजूद रहे।



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