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(निशात कुरैशी) देवबंद। मजलिस इत्तेहाद-ए-मिल्लत के प्रदेशाध्यक्ष मुफ्ती अहमद गौड ने कहा कि मेरा वोट लोकतंत्र और सेक्यूलिरिज्म को चलाने और बचाने का जरिया है। जिसका सोच समझकर इस्तेमाल करना चाहिए। शुक्रवार को जारी अपील में मुफ्ती अहमद गौड ने कहा कि चुनाव यह तय करता है कि मुल्क के निजाम को चलाने के लिए कौन बेहतर है और किसको इसकी जिम्मेदार बनाया जाए। वोट के जरिये ही किसी भी ईमानदार और काबिल व्यक्ति को गद्दी पर बैठाया जाता है। उन्होंने कहा कि मेरा वोट मेरे मुल्क का अधिकार है इसलिए हम सबकी जिम्मेदारी बनती है कि ऐसे व्यक्ति को वोट दे जो सभी की सेवा का भाव रखता है। साथ ही हमारी यह जिम्मेदारी भी बनती है कि मतदान प्रतिशत को बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ें। मुफ्ती अहमद ने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि वोट की कीमत है और वोट की कीमत दी और ली भी जा रही है। यह बड़ी विडंबना है और प्रजातंत्र पर बहुत बड़ा हमला है। वोट ऐसी चीज है जिसे किसी भी कीमत पर बेचा नहीं जा सकता।
देखें वीडियो: क्या कहा मजलिस इत्तेहादए- मिल्लत के प्रदेशाध्यक्ष मुफ्ती अहमद गौड
वोट सेक्यूलिरिज्म को मजबूत करने के बदले ही दिया जा सकता है। वोट बेचे जाने को लेकर दारुल उलूम ने भी फतवा जारी किया हुआ है कि वोट को बेचना नहीं चाहिए। उन्होंने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं का इस्तेमाल करते हुए वोट का इस्तेमाल करें।
बाईट :-
(निशात कुरैशी) देवबंद। मजलिस इत्तेहाद-ए-मिल्लत के प्रदेशाध्यक्ष मुफ्ती अहमद गौड ने कहा कि मेरा वोट लोकतंत्र और सेक्यूलिरिज्म को चलाने और बचाने का जरिया है। जिसका सोच समझकर इस्तेमाल करना चाहिए। शुक्रवार को जारी अपील में मुफ्ती अहमद गौड ने कहा कि चुनाव यह तय करता है कि मुल्क के निजाम को चलाने के लिए कौन बेहतर है और किसको इसकी जिम्मेदार बनाया जाए। वोट के जरिये ही किसी भी ईमानदार और काबिल व्यक्ति को गद्दी पर बैठाया जाता है। उन्होंने कहा कि मेरा वोट मेरे मुल्क का अधिकार है इसलिए हम सबकी जिम्मेदारी बनती है कि ऐसे व्यक्ति को वोट दे जो सभी की सेवा का भाव रखता है। साथ ही हमारी यह जिम्मेदारी भी बनती है कि मतदान प्रतिशत को बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ें। मुफ्ती अहमद ने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि वोट की कीमत है और वोट की कीमत दी और ली भी जा रही है। यह बड़ी विडंबना है और प्रजातंत्र पर बहुत बड़ा हमला है। वोट ऐसी चीज है जिसे किसी भी कीमत पर बेचा नहीं जा सकता।
वोट सेक्यूलिरिज्म को मजबूत करने के बदले ही दिया जा सकता है। वोट बेचे जाने को लेकर दारुल उलूम ने भी फतवा जारी किया हुआ है कि वोट को बेचना नहीं चाहिए। उन्होंने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं का इस्तेमाल करते हुए वोट का इस्तेमाल करें।
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