हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मुकेश राणा) हरिद्वार। कानपुर नगर शहर का जिला एवं औषधि प्रशासन पता नहीं क्यूं नमस्ते इंडिया के प्रबंधतंत्र पर मेहरबान है। लगातार प्राप्त शिकायतों के बाद भी हमेशा नमस्ते इंडिया की पैरोकारी करता नजर आता है। मामला नमस्ते इंडिया के एक्सपायरी घी का है। जिसमें शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने शिकायत एक्सपायरी घी की करी थी परन्तु जिला एवं खाद्य औषधि प्रशासन ने उसके संबन्ध में कोई कार्यवाही नहीं की और नमूना सील कर जांच के लिए भेजना दर्शाकर अपने कर्तव्य से इतिश्री कर ली है।
क्या आरोप हैं नमस्ते इंडिया घी पर
शिकायतकर्ता का आरोप है कि 23/ 10/ 2018 को बिरहाना रोड स्थित नमस्ते इंडिया दूध के रिटेल आउटलेट से 200ml का घी का पैकेट और एक मट्ठे का पैकेट खरीदा था। जिसको उसने उपयोग के लिए अपने घर में दे दिया। लेकिन शाम को उसके घर वालों ने बताया कि यह घी तो एक्सपायर हो चुका है। जिसको लेकर वह उसी आउटलेट में बदलवाने के लिए गया तो कंपनी के कर्मचारी ने उसे वहां से भगा दिया। और कहा कि तुम्हें जहां शिकायत करनी है जाकर करो इस बैच नंबर का माल हमारे यहां उपलब्ध नहीं है। जबकि उसी आउटलेट से उसे बिल भी दिया गया था।इसके बाद शिकायतकर्ता ने कंपनी के सेल्स ऑफिसर से संपर्क किया और घी का पैकेट बदलने के लिए कहा तो वह भी गुमराह करने लगा तत्पश्चात शिकायतकर्ता द्वारा जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत संख्या 200 1641 802 157 दर्ज कराई गई थी।
खाद्य टीम को शिकायत मिली थी कुछ लेकिन टीम ने बचाने के लिए कार्रवाई की कुछ
अगर जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा जारी रिपोर्ट की मानें तो उसमें बताया गया है कि जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने 17-11-2018 को रोटी गोदाम के पास बिरहाना रोड स्थित नमस्ते इंडिया के आउटलेट से घी का नमूना लिया एवं दूध का नमूना लिया और उसे सील कर के नियमानुसार लैब टेस्ट के लिए भेज दिया है।
शिकायतकर्ता के संतुष्ट ना होने पर पुनः जांच हुई शुरू
जनसुनवाई पर फीडबैक के लिए जब शिकायतकर्ता को सीधे लखनऊ से कॉल आई तो उसने बताया कि वह जांच से संतुष्ट नहीं है क्योंकि उसने शिकायत एक्सपायरी घी के लिए की थी। लेकिन जांच अधिकारियों द्वारा उसकी शिकायत पत्र का अवलोकन नहीं किया गया बल्कि जांच के नाम पर खानापूर्ति करके रिपोर्ट लगा दी गई।
एक्सपायरी घी व असली बिल ले गए टीम के लोग
शिकायतकर्ता अभिषेक का कहना है कि जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने उससे एक्सपायरी घी का पैकेट व असली बिल भी ले लिया है।अभी तक उसके चाहे अनुसार नमस्ते इंडिया घी के एक्सपायरी घी के सम्बन्ध में कोई कार्यवाही नहीं की गई है।
जन एक्सप्रेस ने क्या कहा
जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम को एक्सपायरी घी के पैकेट को नमस्ते इंडिया के रीटेल आउट लेट से घी बेचने की शिकायत प्राप्त हुई थी।शिकायतकर्ता अभिषेक ने एक्सपायरी घी का पैकेट व बिल भी टीम को उपलब्ध कराया परन्तु टीम ने जनता के स्वास्थ्य के साथ धोखा किया और जांच के नाम पर जांच जांच खेलते हुए।एक्सपायरी घी की बिक्री करने के मामले में साफ़ नमस्ते इंडिया को बचा दिया। और शिकायतकर्ता से असली पैकेट व बिल भी ले लिया।
(मुकेश राणा) हरिद्वार। कानपुर नगर शहर का जिला एवं औषधि प्रशासन पता नहीं क्यूं नमस्ते इंडिया के प्रबंधतंत्र पर मेहरबान है। लगातार प्राप्त शिकायतों के बाद भी हमेशा नमस्ते इंडिया की पैरोकारी करता नजर आता है। मामला नमस्ते इंडिया के एक्सपायरी घी का है। जिसमें शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने शिकायत एक्सपायरी घी की करी थी परन्तु जिला एवं खाद्य औषधि प्रशासन ने उसके संबन्ध में कोई कार्यवाही नहीं की और नमूना सील कर जांच के लिए भेजना दर्शाकर अपने कर्तव्य से इतिश्री कर ली है।
क्या आरोप हैं नमस्ते इंडिया घी पर
शिकायतकर्ता का आरोप है कि 23/ 10/ 2018 को बिरहाना रोड स्थित नमस्ते इंडिया दूध के रिटेल आउटलेट से 200ml का घी का पैकेट और एक मट्ठे का पैकेट खरीदा था। जिसको उसने उपयोग के लिए अपने घर में दे दिया। लेकिन शाम को उसके घर वालों ने बताया कि यह घी तो एक्सपायर हो चुका है। जिसको लेकर वह उसी आउटलेट में बदलवाने के लिए गया तो कंपनी के कर्मचारी ने उसे वहां से भगा दिया। और कहा कि तुम्हें जहां शिकायत करनी है जाकर करो इस बैच नंबर का माल हमारे यहां उपलब्ध नहीं है। जबकि उसी आउटलेट से उसे बिल भी दिया गया था।इसके बाद शिकायतकर्ता ने कंपनी के सेल्स ऑफिसर से संपर्क किया और घी का पैकेट बदलने के लिए कहा तो वह भी गुमराह करने लगा तत्पश्चात शिकायतकर्ता द्वारा जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत संख्या 200 1641 802 157 दर्ज कराई गई थी।
खाद्य टीम को शिकायत मिली थी कुछ लेकिन टीम ने बचाने के लिए कार्रवाई की कुछ
अगर जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा जारी रिपोर्ट की मानें तो उसमें बताया गया है कि जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने 17-11-2018 को रोटी गोदाम के पास बिरहाना रोड स्थित नमस्ते इंडिया के आउटलेट से घी का नमूना लिया एवं दूध का नमूना लिया और उसे सील कर के नियमानुसार लैब टेस्ट के लिए भेज दिया है।
शिकायतकर्ता के संतुष्ट ना होने पर पुनः जांच हुई शुरू
जनसुनवाई पर फीडबैक के लिए जब शिकायतकर्ता को सीधे लखनऊ से कॉल आई तो उसने बताया कि वह जांच से संतुष्ट नहीं है क्योंकि उसने शिकायत एक्सपायरी घी के लिए की थी। लेकिन जांच अधिकारियों द्वारा उसकी शिकायत पत्र का अवलोकन नहीं किया गया बल्कि जांच के नाम पर खानापूर्ति करके रिपोर्ट लगा दी गई।
एक्सपायरी घी व असली बिल ले गए टीम के लोग
शिकायतकर्ता अभिषेक का कहना है कि जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने उससे एक्सपायरी घी का पैकेट व असली बिल भी ले लिया है।अभी तक उसके चाहे अनुसार नमस्ते इंडिया घी के एक्सपायरी घी के सम्बन्ध में कोई कार्यवाही नहीं की गई है।
जन एक्सप्रेस ने क्या कहा
जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम को एक्सपायरी घी के पैकेट को नमस्ते इंडिया के रीटेल आउट लेट से घी बेचने की शिकायत प्राप्त हुई थी।शिकायतकर्ता अभिषेक ने एक्सपायरी घी का पैकेट व बिल भी टीम को उपलब्ध कराया परन्तु टीम ने जनता के स्वास्थ्य के साथ धोखा किया और जांच के नाम पर जांच जांच खेलते हुए।एक्सपायरी घी की बिक्री करने के मामले में साफ़ नमस्ते इंडिया को बचा दिया। और शिकायतकर्ता से असली पैकेट व बिल भी ले लिया।



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