हरिद्वार की गूंज (24*7)
(निशात कुरैशी) देवबंद। फाल्गुन मास की दशमी पर नगर से चंद किलोमीटर की दूरी पर स्थित गांव मिरगपुर में श्री सिद्ध गुरु बाबा फकीरादास जी की तपोभूमि पर प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी भव्य मेले का आयोजन किया गया। जिसमें दूर दराज से आए श्रद्धालुओं ने प्रसाद चढ़ाकर मन्नतें मांगी।शुक्रवार को गांव मिरगपुर स्थित सिद्धकुटी पर मेले का उद्घाटन कुटी महंत श्री मनोहरदास व श्री धनंजय दास ने किया। बाबा फकीरादास के मंदिर में श्रद्धालुओ ने शीश झुकाकर अपने परिवार और देश की खुशहाली के लिए मन्नतें मांगी तथा भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।
प्रसाद चढ़ाने के लिए पहुँचे श्रद्धालु
बाबा के दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने सिद्धकुटी के पास लगे मेले का भी आनंद लिया। मेले में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस और पीएसी बल तैनात रहा। एसडीएम राकेश कुमार, सीओ राजेन्द्र सिंह स्वयं मुस्तैदी से डटे रहे।
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इस दौरान क्षेत्रीय विधायक बृजेश सिंह, विधायक लढौरा कुंवर प्रणव सिंह, पूर्व विधायक मनोज चौधरी, पूर्व एमएलसी चौ. गजे सिंह, बसपा विधानसभा प्रभारी नवीन खटाना, पूर्व विधायक शशीबाला पुंडीर, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष चौ. राजपाल सिंह, डॉ. कल्याण सिंह, भाजपा नगराध्यक्ष ठा. गजराज सिंह राणा, जिला पंचायत सदस्य शशी त्यागी आदि ने मेले में पहुंचकर बाबा फकीरादास की सिद्धकुटी पर प्रसाद चढ़ाया, बाबा फकीरादास जी की सिद्धकुटी पर लगता है अनोखा मेला देवबंद। फाल्गुन मास की दशमी को गांव मिरगपुर में संत बाबा फकीरादास जी महाराज की तपोस्थली पर लगने वाला मेला अपने आप में अनोखा मेला है। मेले में श्रद्धालु देशी घी का हलवा, शक्कर और चादर का प्रसाद चढ़ाकर मन्नतें मांगते हैं। इतना ही नहीं ग्रामीण श्रद्धालुओं को अपने घर बुलाकर उनकी सेवा कर प्रसाद और तरह-तरह के पकवान खिलाते हैं। बताया जाता है कि लगभग 500 वर्ष पूर्व बाबा दास फकीरा गांव में आए थे। उन्होंने गांव की दुर्दशा देखकर गांव वालों से कुरीतियों से दूर रहने एवं नशीले पद्धार्थ एवं प्याज, लहसुन आदि का सेवन न करने का वचन लिया। जिसके बाद गांव में खुशहाली फैल गई। मेले के दौरान झूले, प्रसाद और खेल खिलौने की दुकानें लगाई जाती है। जिसमे श्रद्धालु बच्चों ने भी उत्सव की तरह आंनद मनाया।
(निशात कुरैशी) देवबंद। फाल्गुन मास की दशमी पर नगर से चंद किलोमीटर की दूरी पर स्थित गांव मिरगपुर में श्री सिद्ध गुरु बाबा फकीरादास जी की तपोभूमि पर प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी भव्य मेले का आयोजन किया गया। जिसमें दूर दराज से आए श्रद्धालुओं ने प्रसाद चढ़ाकर मन्नतें मांगी।शुक्रवार को गांव मिरगपुर स्थित सिद्धकुटी पर मेले का उद्घाटन कुटी महंत श्री मनोहरदास व श्री धनंजय दास ने किया। बाबा फकीरादास के मंदिर में श्रद्धालुओ ने शीश झुकाकर अपने परिवार और देश की खुशहाली के लिए मन्नतें मांगी तथा भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।
प्रसाद चढ़ाने के लिए पहुँचे श्रद्धालु
बाबा के दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने सिद्धकुटी के पास लगे मेले का भी आनंद लिया। मेले में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस और पीएसी बल तैनात रहा। एसडीएम राकेश कुमार, सीओ राजेन्द्र सिंह स्वयं मुस्तैदी से डटे रहे।
इस दौरान क्षेत्रीय विधायक बृजेश सिंह, विधायक लढौरा कुंवर प्रणव सिंह, पूर्व विधायक मनोज चौधरी, पूर्व एमएलसी चौ. गजे सिंह, बसपा विधानसभा प्रभारी नवीन खटाना, पूर्व विधायक शशीबाला पुंडीर, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष चौ. राजपाल सिंह, डॉ. कल्याण सिंह, भाजपा नगराध्यक्ष ठा. गजराज सिंह राणा, जिला पंचायत सदस्य शशी त्यागी आदि ने मेले में पहुंचकर बाबा फकीरादास की सिद्धकुटी पर प्रसाद चढ़ाया, बाबा फकीरादास जी की सिद्धकुटी पर लगता है अनोखा मेला देवबंद। फाल्गुन मास की दशमी को गांव मिरगपुर में संत बाबा फकीरादास जी महाराज की तपोस्थली पर लगने वाला मेला अपने आप में अनोखा मेला है। मेले में श्रद्धालु देशी घी का हलवा, शक्कर और चादर का प्रसाद चढ़ाकर मन्नतें मांगते हैं। इतना ही नहीं ग्रामीण श्रद्धालुओं को अपने घर बुलाकर उनकी सेवा कर प्रसाद और तरह-तरह के पकवान खिलाते हैं। बताया जाता है कि लगभग 500 वर्ष पूर्व बाबा दास फकीरा गांव में आए थे। उन्होंने गांव की दुर्दशा देखकर गांव वालों से कुरीतियों से दूर रहने एवं नशीले पद्धार्थ एवं प्याज, लहसुन आदि का सेवन न करने का वचन लिया। जिसके बाद गांव में खुशहाली फैल गई। मेले के दौरान झूले, प्रसाद और खेल खिलौने की दुकानें लगाई जाती है। जिसमे श्रद्धालु बच्चों ने भी उत्सव की तरह आंनद मनाया।




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