हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद् व देव संस्कृति विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में विवि के शिक्षाशास्त्र विभाग ने राष्ट्रीय उत्पादकता सप्ताह (राउस) मनाया। इसका लक्ष्य भारतीय अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में उत्पादकता को प्रोत्साहित करना है। यह कार्यक्रम 12 से 18 फरवरी तक चला। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए देसंविवि के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि 21वी सदीं में सबसे पहले जीवन या घटना के हर आयाम में टिकाऊ प्रकृति अपनानी होगी। किसी भी कार्य अथवा उत्पादन में यह ध्यान रखना होगा कि आर्थिक लाभ के साथ-साथ टिकाऊ अवधारणा को विशेष महत्व दिया जाए। शिक्षा के क्षेत्र में यह बात और प्रभावपूर्ण ढंग से लागू होती है। उन्होंने कहा कि उत्पादकता में वृद्धि के साथ-साथ प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़े, लाभांश में वृद्धि और सुरक्षा तथा विश्वसनीयता कायम की जा सके, जिससे बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। कुलसचिव श्री बलदाऊ देवांगन ने कहा कि बीएड के छात्रों ने राष्ट्रीय उत्पादकता सप्ताह में जिस तरह उत्साहपूर्वक भाग लिया है, यह उनके भविष्य के प्रति लगन को दर्शाता है। बीएड की विभागाध्यक्षा डॉ. ममता अरोरा ने बताया कि सप्ताह भर चले इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को रचनात्मकता के साथ उत्पादकता एवं उसमें स्थायित्व विषय पर जानकारी दी गयी। उन्होंने बताया कि इस दौरान विद्यार्थियों को चहुँमुखी विकास के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही उनमें सेवा के भाव विकसित करने हेतु विभिन्न प्रायोगिक अभ्यास कराये गये। उन्होंने बताया कि इस दौरान स्लोगन, पेंटिंग, निबंध, क्वीज आदि प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। जिसमें श्रद्धा सुमन, अंजलि, हर्ष, महिमा भाटी, प्रशंसा ने प्रथम तथा आयुषी, शिवानी, आंसूतोष, कुसुमलता, आयुष ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। वहीं क्वीज प्रतियोगिता में वशिष्ट गु्रुप को पहला तथा कणाद व आपला गु्रप को संयुक्त रूप से दूसरा स्थान मिला। शिविर समन्वयक के अनुसार कार्यक्रम के दौरान छात्र अध्यापकों ने श्रमदान में खूब पसीना भी बहाया। समापन अवसर पर कुलसचिव श्री बलदाऊ देवांगन एवं बीएड की विभागाध्यक्षा डॉ. ममता अरोरा ने विजयी छात्र अध्यापकों को प्रशस्ति पत्र भेंट किया।
(रजत चौहान) हरिद्वार। राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद् व देव संस्कृति विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में विवि के शिक्षाशास्त्र विभाग ने राष्ट्रीय उत्पादकता सप्ताह (राउस) मनाया। इसका लक्ष्य भारतीय अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में उत्पादकता को प्रोत्साहित करना है। यह कार्यक्रम 12 से 18 फरवरी तक चला। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए देसंविवि के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि 21वी सदीं में सबसे पहले जीवन या घटना के हर आयाम में टिकाऊ प्रकृति अपनानी होगी। किसी भी कार्य अथवा उत्पादन में यह ध्यान रखना होगा कि आर्थिक लाभ के साथ-साथ टिकाऊ अवधारणा को विशेष महत्व दिया जाए। शिक्षा के क्षेत्र में यह बात और प्रभावपूर्ण ढंग से लागू होती है। उन्होंने कहा कि उत्पादकता में वृद्धि के साथ-साथ प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़े, लाभांश में वृद्धि और सुरक्षा तथा विश्वसनीयता कायम की जा सके, जिससे बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। कुलसचिव श्री बलदाऊ देवांगन ने कहा कि बीएड के छात्रों ने राष्ट्रीय उत्पादकता सप्ताह में जिस तरह उत्साहपूर्वक भाग लिया है, यह उनके भविष्य के प्रति लगन को दर्शाता है। बीएड की विभागाध्यक्षा डॉ. ममता अरोरा ने बताया कि सप्ताह भर चले इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को रचनात्मकता के साथ उत्पादकता एवं उसमें स्थायित्व विषय पर जानकारी दी गयी। उन्होंने बताया कि इस दौरान विद्यार्थियों को चहुँमुखी विकास के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही उनमें सेवा के भाव विकसित करने हेतु विभिन्न प्रायोगिक अभ्यास कराये गये। उन्होंने बताया कि इस दौरान स्लोगन, पेंटिंग, निबंध, क्वीज आदि प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। जिसमें श्रद्धा सुमन, अंजलि, हर्ष, महिमा भाटी, प्रशंसा ने प्रथम तथा आयुषी, शिवानी, आंसूतोष, कुसुमलता, आयुष ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। वहीं क्वीज प्रतियोगिता में वशिष्ट गु्रुप को पहला तथा कणाद व आपला गु्रप को संयुक्त रूप से दूसरा स्थान मिला। शिविर समन्वयक के अनुसार कार्यक्रम के दौरान छात्र अध्यापकों ने श्रमदान में खूब पसीना भी बहाया। समापन अवसर पर कुलसचिव श्री बलदाऊ देवांगन एवं बीएड की विभागाध्यक्षा डॉ. ममता अरोरा ने विजयी छात्र अध्यापकों को प्रशस्ति पत्र भेंट किया।



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