हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मनीष लखानी) हरिद्वार। ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद जी के उपवास के 97 दिन पर देश भर के संगठनों द्वारा समर्थित एक प्रतीकात्मक धरना और क्रमिक उपवास आज से जंतर-मंतर पर शुरू किया गया। गंगा की अविरलता के लिए स्वामी सानंद के 111 दिन के उपवास के बाद हुई मृत्यु के बाद 24 अक्टूबर, 2018 से 26 वर्षीय युवा संत ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद जी उपवास पर हैं। केरल में कंप्यूटर साइंस के छात्र रहे 22 वर्ष के युवा ने मातृ सदन में स्वामी शिवानंद जी के सानिध्य में संन्यास लिया एवं गंगा की अविरलता के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया । मातृ सदन से जुड़े डॉ विजय वर्मा के नेतृत्व में इस धरने व क्रमिक अनशन की शुरुआत के प्रथम दिन उनके साथ श्री रामेश्वर गौड़, मीनाक्षी गौड़ और उनकी सुपुत्री छविराज गौड़, देबादित्यो सिन्हा, वंदना पांडे पहले दिन अनशन पर बैठे। माँ गंगा की अविरलता के लिए सदैव जागरूक रहने वाले समाज सेवी आजकल दिल्ली के जंतरमंतर में मातृसदन के समर्थन में मौन धारण किया हुया है आपको बता दे कि हरिद्वार प्रशाशन एवं उत्तराखंड सरकार को रामेश्वर गौड़ जी द्वारा समय समय पर सोशल मीडिया और अनेक माध्यमो से दूषित हो रही माँ गंगा के बारे में चेताया मगर हमेशा की तरह प्रशाशन और सरकार मूक दर्शक बनी रही जिसको लेकर अब वह दिल्ली के जंतर मंतर में पर्दशन कर केंद्र सरकार से माँ गंगा की अविरलता की बात कर रहे है हेररानी कि बात तो ये है कि नमामि गंगे जैसे अनेक परियोजनाओं के चलने के बावजूद भी मा गंगा में सीवर का और दूषित पानी जा रहा है जिस पर किसी का ध्यान नही जाता आज उनका मौन धारण करें हुया दूसरा दिन है और वह गंगा भक्तो के साथ माँ गंगा की अविरलता के लिए बैठे है।
(मनीष लखानी) हरिद्वार। ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद जी के उपवास के 97 दिन पर देश भर के संगठनों द्वारा समर्थित एक प्रतीकात्मक धरना और क्रमिक उपवास आज से जंतर-मंतर पर शुरू किया गया। गंगा की अविरलता के लिए स्वामी सानंद के 111 दिन के उपवास के बाद हुई मृत्यु के बाद 24 अक्टूबर, 2018 से 26 वर्षीय युवा संत ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद जी उपवास पर हैं। केरल में कंप्यूटर साइंस के छात्र रहे 22 वर्ष के युवा ने मातृ सदन में स्वामी शिवानंद जी के सानिध्य में संन्यास लिया एवं गंगा की अविरलता के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया । मातृ सदन से जुड़े डॉ विजय वर्मा के नेतृत्व में इस धरने व क्रमिक अनशन की शुरुआत के प्रथम दिन उनके साथ श्री रामेश्वर गौड़, मीनाक्षी गौड़ और उनकी सुपुत्री छविराज गौड़, देबादित्यो सिन्हा, वंदना पांडे पहले दिन अनशन पर बैठे। माँ गंगा की अविरलता के लिए सदैव जागरूक रहने वाले समाज सेवी आजकल दिल्ली के जंतरमंतर में मातृसदन के समर्थन में मौन धारण किया हुया है आपको बता दे कि हरिद्वार प्रशाशन एवं उत्तराखंड सरकार को रामेश्वर गौड़ जी द्वारा समय समय पर सोशल मीडिया और अनेक माध्यमो से दूषित हो रही माँ गंगा के बारे में चेताया मगर हमेशा की तरह प्रशाशन और सरकार मूक दर्शक बनी रही जिसको लेकर अब वह दिल्ली के जंतर मंतर में पर्दशन कर केंद्र सरकार से माँ गंगा की अविरलता की बात कर रहे है हेररानी कि बात तो ये है कि नमामि गंगे जैसे अनेक परियोजनाओं के चलने के बावजूद भी मा गंगा में सीवर का और दूषित पानी जा रहा है जिस पर किसी का ध्यान नही जाता आज उनका मौन धारण करें हुया दूसरा दिन है और वह गंगा भक्तो के साथ माँ गंगा की अविरलता के लिए बैठे है।




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