हरिद्वार की गूंज (24*7)
(शिवाकान्त पाठक) हरिद्वार। गणतंत्र दिवस को हर्षोल्लास पूर्ण ढंग से मनाते हुये शिव शक्ति सेवा समिति के कार्यकर्ताओं ने सुबह 9.00 बजे ध्वजारोहण के पश्चात राष्ट्रीय गान किया व मंत्री परमजीत एच०आर ने कहा कि आज का दिन खुशियाँ मनाने के साथ-साथ वतन के उन जॉबाज बहादुर शहीदों को भी याद करने का दिन है जिन्होंने हँसते हँसते देश के लिए अपनी जान की कुर्बानियॉ दीं, उन्होने अपने परिवार भाइ बहिन दोस्त मॉ का मोह त्याग कर देश के लिए प्राण निछावर कर दिये उन्ही की कुर्बानियों की बजह से आज हम आप आजाद हैं आजादी के पीछे अतीत को हम सभी को याद करते हुये सबसे पहले अमर शहीदों को नमन करना चाहिए, देवेंद्र शर्मा ने कहा कि फिरंगियो के शासनकाल में हम गुलामी की बेड़ियों में जकड़े थे तब भारत के सच्चे सपूत चन्द्रशेखर आजाद, सरदार भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस आदि ने आजाद हिंद फौज व क्रान्ति की एक अलख जगाई व फिरंगियो के दाँत खट्टे कर दिये उनके हौंसले उनके जज्बे को हम नमन करते हैं शिव शक्ति सेवा समिति के सभी कार्यकर्ताओं ने लोगों को मिष्ठान वितरण कर खुशी का इजहार करते हुये सभी से अनुरोध किया कि वे अपने अपने घरों में एक एक दीप अमरशहीदों के नाम पर जला कर उन्हें सच्ची श्रध्दाँजली अर्पित करें।
(शिवाकान्त पाठक) हरिद्वार। गणतंत्र दिवस को हर्षोल्लास पूर्ण ढंग से मनाते हुये शिव शक्ति सेवा समिति के कार्यकर्ताओं ने सुबह 9.00 बजे ध्वजारोहण के पश्चात राष्ट्रीय गान किया व मंत्री परमजीत एच०आर ने कहा कि आज का दिन खुशियाँ मनाने के साथ-साथ वतन के उन जॉबाज बहादुर शहीदों को भी याद करने का दिन है जिन्होंने हँसते हँसते देश के लिए अपनी जान की कुर्बानियॉ दीं, उन्होने अपने परिवार भाइ बहिन दोस्त मॉ का मोह त्याग कर देश के लिए प्राण निछावर कर दिये उन्ही की कुर्बानियों की बजह से आज हम आप आजाद हैं आजादी के पीछे अतीत को हम सभी को याद करते हुये सबसे पहले अमर शहीदों को नमन करना चाहिए, देवेंद्र शर्मा ने कहा कि फिरंगियो के शासनकाल में हम गुलामी की बेड़ियों में जकड़े थे तब भारत के सच्चे सपूत चन्द्रशेखर आजाद, सरदार भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस आदि ने आजाद हिंद फौज व क्रान्ति की एक अलख जगाई व फिरंगियो के दाँत खट्टे कर दिये उनके हौंसले उनके जज्बे को हम नमन करते हैं शिव शक्ति सेवा समिति के सभी कार्यकर्ताओं ने लोगों को मिष्ठान वितरण कर खुशी का इजहार करते हुये सभी से अनुरोध किया कि वे अपने अपने घरों में एक एक दीप अमरशहीदों के नाम पर जला कर उन्हें सच्ची श्रध्दाँजली अर्पित करें।



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