हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। हरिद्वार को सुदृढ और अग्रणी बनाने के लिए जिलाधिकारी हरिद्वार श्री दीपक रावत तथा मुख्य विकास अधिकारी श्री विनीत तोमर से जिले की शिक्षा, स्वास्थ्य, बाल कल्याण के क्षेत्र में सीएसआर प्रक्रिया में योगदान हेतु आज ओएनजीसी के प्रतिनिधि के रूप में आये उपमहाप्रबन्धक शरद झल्डियाल, मोनू भटनागर, एमडी एचआर ओएनजीसी श्रीमती पंत ने बात की। विकास विभाग को मिलने वाले सीएसआर फण्ड से छात्रों की शिक्षा, स्वास्थ्य, कुपोषण आदि समस्याओं को दूर करने के लिए कार्य किया जायेगा। जिलाधिकारी ने सार्वजनिक क्षेत्र की भागीदारी से जिले में सुधारात्मक सहयोग की भावना से स्वंय प्रशासन तक पहुंचने वाले ओएनजीसी संस्थान का आभार व्यक्त किया। डीएम ने अभिलाषी जनपद के लिए आईओसी के बाद ओएनजीसी की तरफ से बड़ी धनराशि व्यय किये जाने पर जनपद के पिछड़े आंकड़ो में भारी सुधार की आशा जतायी। ओएनजीसी अधिकारियों ने इस वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पूर्व सम्बंधित विभागों को आवश्यक संसधानों की डीपीआर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किये जाने का अनुरोध किया। डीएम ने 04 जनवरी तक सभी आवश्यकताओ की मानक सूची ओएनजीसी को प्रेषित करने की समय सीमा निधार्रित की।
ओएनजीसी सीएसआर के अंतर्गत जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण, पहले से चल रहे केंद्रों के सुदृढीकरण, महिलाओं के लिए सिलाई मशीन, विद्यालयों में छात्र संख्या के आधार पर शौचालय जिसमें दिव्यांग छात्रों के विशेष शौचालय, स्वास्थ्य विभाग को एम्बुलेंस, मोबाइल युनिट, अल्ड्रासांड मशीन, एनजीओ के माध्यम से एंटी रेबीज वाॅयल, संस्थागत प्रसव के लिए सब सेंटर, एनआरसी सेंटर के लिए रेस्ट रूम आदि भी उपलब्ध करायी जायेंगी। बैठक में मुख्य नगर आयुक्त श्री ललित नारायण मिश्र, एचआरडीए सचिव श्री केके मिश्र, जिला विकास अधिकारी श्री पुष्पेंद्र चैहान, मुख्य शिक्षा अधिकारी श्री आरडी शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी श्री प्रेमलाल, परियोजना अधिकारी श्री मुकल चैधरी सहित अनेक अधिकारी उपस्थित रहे।
(रजत चौहान) हरिद्वार। हरिद्वार को सुदृढ और अग्रणी बनाने के लिए जिलाधिकारी हरिद्वार श्री दीपक रावत तथा मुख्य विकास अधिकारी श्री विनीत तोमर से जिले की शिक्षा, स्वास्थ्य, बाल कल्याण के क्षेत्र में सीएसआर प्रक्रिया में योगदान हेतु आज ओएनजीसी के प्रतिनिधि के रूप में आये उपमहाप्रबन्धक शरद झल्डियाल, मोनू भटनागर, एमडी एचआर ओएनजीसी श्रीमती पंत ने बात की। विकास विभाग को मिलने वाले सीएसआर फण्ड से छात्रों की शिक्षा, स्वास्थ्य, कुपोषण आदि समस्याओं को दूर करने के लिए कार्य किया जायेगा। जिलाधिकारी ने सार्वजनिक क्षेत्र की भागीदारी से जिले में सुधारात्मक सहयोग की भावना से स्वंय प्रशासन तक पहुंचने वाले ओएनजीसी संस्थान का आभार व्यक्त किया। डीएम ने अभिलाषी जनपद के लिए आईओसी के बाद ओएनजीसी की तरफ से बड़ी धनराशि व्यय किये जाने पर जनपद के पिछड़े आंकड़ो में भारी सुधार की आशा जतायी। ओएनजीसी अधिकारियों ने इस वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पूर्व सम्बंधित विभागों को आवश्यक संसधानों की डीपीआर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किये जाने का अनुरोध किया। डीएम ने 04 जनवरी तक सभी आवश्यकताओ की मानक सूची ओएनजीसी को प्रेषित करने की समय सीमा निधार्रित की।
ओएनजीसी सीएसआर के अंतर्गत जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण, पहले से चल रहे केंद्रों के सुदृढीकरण, महिलाओं के लिए सिलाई मशीन, विद्यालयों में छात्र संख्या के आधार पर शौचालय जिसमें दिव्यांग छात्रों के विशेष शौचालय, स्वास्थ्य विभाग को एम्बुलेंस, मोबाइल युनिट, अल्ड्रासांड मशीन, एनजीओ के माध्यम से एंटी रेबीज वाॅयल, संस्थागत प्रसव के लिए सब सेंटर, एनआरसी सेंटर के लिए रेस्ट रूम आदि भी उपलब्ध करायी जायेंगी। बैठक में मुख्य नगर आयुक्त श्री ललित नारायण मिश्र, एचआरडीए सचिव श्री केके मिश्र, जिला विकास अधिकारी श्री पुष्पेंद्र चैहान, मुख्य शिक्षा अधिकारी श्री आरडी शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी श्री प्रेमलाल, परियोजना अधिकारी श्री मुकल चैधरी सहित अनेक अधिकारी उपस्थित रहे।



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