हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहन) हरिद्वार। अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्डया ने कहा कि आत्म विश्वास सफलता की कुंजी है। जिन किन्हीं युवा व प्राणी में जितना आत्म विश्वास होगा, उसका सफलता का प्रतिशत उतना ही अधिक होगा। स्वामी विवेकानंद, पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी आदि में जबरदस्त आत्मविश्वास था, परिणामस्वरूप वे अपने कार्यों को सफलतापूर्वक पूर्ण कर पाते रहे और आज उनके करोड़ों अनुयायी विश्व भर में हैं।
डॉ. पण्ड्या शांतिकुंज के नवयुग दल के युवाओं के चार दिवसीय वार्षिक सम्मेलन के समापन अवसर पर बोल रहे थे। शिविर में नवयुग दल के वे युवा जो देश-विदेश में राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों, उद्योगपतियों, सरकारी अधिकारियों के रूप में तथा शिक्षा-मीडिया जगत आदि विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं, शामिल रहे। उन्होंने कहा कि युवाओं में जबरदस्त उत्साह होता है। इन उत्साह को सच्चे अर्थों में अपने दायित्वों को निर्बाध गति से निर्वहन करना तथा अपने सहपाठियों में आत्म विश्वास पैदा करने में लगाये। आप सब शांतिकुंज के दूत हैं। शांतिकुंज के संस्कारों से अपने साथियों को भी लाभान्वित करें। निःस्वार्थ भाव से सेवा करने वालों की ईश्वर भी सहयोग करता है। डॉ. पण्ड्या ने कहा कि इन दिनों युवाओं को सकारात्मक दिशा एवं मार्गदर्शन की जरुरत है। देश भर में फैले करोड़ों गायत्री परिजन इस दिशा में सार्थक पहल कर रहा है। आप सब भी कुछ समय समाज के नवनिर्माण के लिए अवश्य निकालें। शांतिकुंज के अभिभावक डॉ. पण्ड्या ने युवा पीढ़ी के बीच किये अपने तीन दशक से अधिक के अनुभवों को साझा किया।
इस अवसर पर संस्था की अधिष्ठात्री शैलदीदी ने कहा कि शांतिकुंज आप सबका अपना घर है। आप सभी को अपने बीच पाकर मन गद्गद हो जाता है। स्नेह की डोर को सदैव मजबूत बनाये रखना। पीड़ितों व जरूरत मंद लोगों की सेवा करते रहना। समाज व अपने सहपाठियों को आगे बढ़ाने में जितना संभव हो सके, निःस्वार्थ भाव प्रयास करते रहे। यही ईश्वर की कृपा पाने का सबसे सुगम राह है। व्यवस्थापक श्री शिवप्रसाद मिश्र, प्रज्ञा अभियान के संपादक श्री वीरेश्वर उपाध्याय, श्री कपिल केसरी जी, डॉ.ओपी शर्मा, कुलसचिव श्री संदीप कुमार आदि ने भी युवाओं को विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन किया।
शिविर संयोजक श्री सुशील उपाध्याय ने बताया कि वार्षिक सम्मेलन में कुल दस सत्र हुए। इस शिविर में देश-विदेश में बहुराष्ट्रीय कंपनियों, बैंक अधिकारी, मीडिया, शिक्षा, चिकित्सा, उद्योग सहित कई क्षेत्रों में सेवाएँ प्रदान करे नवयुग दल के युवा शामिल रहे। सभी ने दस से पच्चीस युवाओं को समाज के नवनिर्माण में जुटने के लिए तैयार करने का संकल्प लिया। शिविर में ऋचा मिश्रा, तन्मय पण्ड्या, प्रज्ञा भटनागर, अजय सेन, मंजू श्रीवास्तव, शेखर वर्मा, अंशुमन दास, रचना नागर, राधा शर्मा, साधना रावत, चैतन्य, मुकेश, दर्पण अर्चना, विवेक आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।
(रजत चौहन) हरिद्वार। अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्डया ने कहा कि आत्म विश्वास सफलता की कुंजी है। जिन किन्हीं युवा व प्राणी में जितना आत्म विश्वास होगा, उसका सफलता का प्रतिशत उतना ही अधिक होगा। स्वामी विवेकानंद, पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी आदि में जबरदस्त आत्मविश्वास था, परिणामस्वरूप वे अपने कार्यों को सफलतापूर्वक पूर्ण कर पाते रहे और आज उनके करोड़ों अनुयायी विश्व भर में हैं।
डॉ. पण्ड्या शांतिकुंज के नवयुग दल के युवाओं के चार दिवसीय वार्षिक सम्मेलन के समापन अवसर पर बोल रहे थे। शिविर में नवयुग दल के वे युवा जो देश-विदेश में राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों, उद्योगपतियों, सरकारी अधिकारियों के रूप में तथा शिक्षा-मीडिया जगत आदि विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं, शामिल रहे। उन्होंने कहा कि युवाओं में जबरदस्त उत्साह होता है। इन उत्साह को सच्चे अर्थों में अपने दायित्वों को निर्बाध गति से निर्वहन करना तथा अपने सहपाठियों में आत्म विश्वास पैदा करने में लगाये। आप सब शांतिकुंज के दूत हैं। शांतिकुंज के संस्कारों से अपने साथियों को भी लाभान्वित करें। निःस्वार्थ भाव से सेवा करने वालों की ईश्वर भी सहयोग करता है। डॉ. पण्ड्या ने कहा कि इन दिनों युवाओं को सकारात्मक दिशा एवं मार्गदर्शन की जरुरत है। देश भर में फैले करोड़ों गायत्री परिजन इस दिशा में सार्थक पहल कर रहा है। आप सब भी कुछ समय समाज के नवनिर्माण के लिए अवश्य निकालें। शांतिकुंज के अभिभावक डॉ. पण्ड्या ने युवा पीढ़ी के बीच किये अपने तीन दशक से अधिक के अनुभवों को साझा किया।
इस अवसर पर संस्था की अधिष्ठात्री शैलदीदी ने कहा कि शांतिकुंज आप सबका अपना घर है। आप सभी को अपने बीच पाकर मन गद्गद हो जाता है। स्नेह की डोर को सदैव मजबूत बनाये रखना। पीड़ितों व जरूरत मंद लोगों की सेवा करते रहना। समाज व अपने सहपाठियों को आगे बढ़ाने में जितना संभव हो सके, निःस्वार्थ भाव प्रयास करते रहे। यही ईश्वर की कृपा पाने का सबसे सुगम राह है। व्यवस्थापक श्री शिवप्रसाद मिश्र, प्रज्ञा अभियान के संपादक श्री वीरेश्वर उपाध्याय, श्री कपिल केसरी जी, डॉ.ओपी शर्मा, कुलसचिव श्री संदीप कुमार आदि ने भी युवाओं को विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन किया।
शिविर संयोजक श्री सुशील उपाध्याय ने बताया कि वार्षिक सम्मेलन में कुल दस सत्र हुए। इस शिविर में देश-विदेश में बहुराष्ट्रीय कंपनियों, बैंक अधिकारी, मीडिया, शिक्षा, चिकित्सा, उद्योग सहित कई क्षेत्रों में सेवाएँ प्रदान करे नवयुग दल के युवा शामिल रहे। सभी ने दस से पच्चीस युवाओं को समाज के नवनिर्माण में जुटने के लिए तैयार करने का संकल्प लिया। शिविर में ऋचा मिश्रा, तन्मय पण्ड्या, प्रज्ञा भटनागर, अजय सेन, मंजू श्रीवास्तव, शेखर वर्मा, अंशुमन दास, रचना नागर, राधा शर्मा, साधना रावत, चैतन्य, मुकेश, दर्पण अर्चना, विवेक आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।



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