हरिद्वार की गूंज (24*7)
(सन्नी तोमर) हरिद्वार।
देश हुआ जब खण्ड खण्ड दुर्भाग्य मेरे अपने छूटे थे, सुन्दर रामराज्य के मेरे भी सारे सपने टूटे थे, मेरे अपने हाथों से ही सुखद सुधा के घट फूटे थे, अत्याचारी और निर्दयी लोगों ने साधन लूटे थे, हाँ "परन्तु दुख नहीं मुझे, सुख त्यागा अपना धर्म बचाया, आज शेष हिन्दुत्व बचा तो फिर क्या बोलो भला गँवाया, हिन्दुस्तानी वीर हिन्दुओ और सिखों ने ध्येय निभाया, हमें आज कुछ नहीं और बस अपना निज अधिकार चाहिये, हर हिन्दू के दिल में हिन्दू से बस सच्चा प्यार चाहिये, मिलकर आओ हम सब अपने हृदय स्वच्छ सद्भाव भरेंगे, निर्मलता का दीप जला कर मानस के कुविचार हरेंगे। बचन बध्द होकर हम अपने निश्चित पथ से नहीं टरेंगे, छिन्न भिन्न भारत को वीरो फिर से आज अखण्ड करेंगे।

(शिवाकान्त पाठक जिला मीडिया प्रभारी राष्ट्रीय हिन्दू मंच हरिद्वार 9897145867 नवोदय नगर)
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