हरिद्वार की गूंज (24*7)
(शिवाकान्त पाठक) हरिद्वार। अपने शिष्यों को अध्यात्म व ग्यान की शिक्षा देने वाले बाबा बालकनाथ ने एक भेंट वार्ता में बताया कि मानव जीवन सभी योनियों में श्रेष्ठ है क्यों कि मानव के अलावा सभी योनियाँ भोग योनि में आती हैं यानि कि मनुष्य के अलावा किसी भी जीव को कर्म करने की शक्ति नहीं मिली, वह तो भोग योनि के अनुसार कुत्ता ,बिल्ली, घोड़ा आदि जीव दान नहीं कर सकते धार्मिक कार्य नहीं कर सकते, परन्तु को करने का अधिकार है फिर भी इस अमूल्य मानव योनि में जन्म मनुष्य अपने कुत्सित विचारों व कर्मों के कारण बार-बार पापकर्म करता है व भोग योनियों को प्राप्त होता है, यह सत्य है कि ईश्वर सभी जीवों में है ठीक उसी प्रकार जैसे सूर्य की रोशनी सभी जगह समान रूप से जाती है परन्तु पृथक-पृथक जगह अपना अलग असर भी दिखलाती है सूर्य की प्रकाश गन्दे नालों में हो या फिर गंगा सभी जगह समान होता है उसी प्रकार मानव जीवन में ईश्वर की  शक्ति का भी प्रभाव प्रत्येक मानव के विचार व कर्मो के अनुसार असर दिखाता है, बाबा बालकनाथ जी बाल ब्रह्मचारी व तमाम दिव्य शक्तियों से परिपूर्ण हैं व उनका कहना है कि ऐसा कोई भी कार्य नहीं जो प्रयास व सच्ची लगन से करने पर पूर्णत्व को प्राप्त ना हो, बाबा बालकनाथ जी तंत्र बिद्धाओं से तमाम तरह की बीमारियों का भी शमन का उपाय बतातें हैं, धन्य है भारत देश जहाँ की आज भी महान ग्यानी संतो के चमत्कार देखने को मिलते रहते हैं बाबा बालकनाथ जी राष्ट्रीय हिन्दू मंच के राष्ट्रीय संयोजक भी हैं व सनातन धर्म का प्रचार करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
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