हरिद्वार की गूंज (24*7)
(फिरोज अहमद) लक्सर। भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री गौरव गोयल ने आज अपनी शादी की 15वीं वर्षगांठ बड़ी सादगी एवं सेवाभाव पूर्ण तरीके से गौशाला सभा रुड़की में मनाई। गौरव गोयल ने अपने धर्मपत्नी शालिनी गोयल एवं पुत्र प्रणव गोयल के साथ गौशाला में गाय माता की सेवा की। ज्ञात रहे कि समाजसेवी गौरव गोयल गत 15-20 वर्षों से शादी की वर्षगांठ ही नहीं बल्कि अपने माता पिता का जन्मदिन, अपना जन्मदिन आदि गौशालाओं के अलावा कुष्ठ आश्रम, वृद्धा आश्रम, अनाथ आश्रम आदि में ही जाकर मनाते रहे हैं। यह उनका जो सेवाभाव से कार्य करने का तरीका है। उसके पीछे उनका मानना यह है। कि ईश्वर ने जब हमें इतनी शक्ति प्रदान की है। तो क्यों ना हम अपनी शक्ति का सही उपयोग करें तथा अपनी नेक कमाई में से कुछ हिस्सा निकालकर उन गरीबों एवं असहाय लोगों के बीच जाकर उनके दुख सुख में अपनी उपस्थिति दर्ज करा कर उनको भी अपनी खुशी में क्यों ना शामिल करें। उनकी मंशा का केवल यह मत है। कि दीन दुखियों की सेवा करने से जहां ईश्वर की प्राप्ति होती है।वहीं इससे मानवता को भी बचाने का अवसर प्राप्त होता है। इसीलिए आज उन्होंने अपनी 15वीं वर्षगांठ को गौ सेवा के रूप में समर्पित कर समाज को एक नए संदेश देने का प्रयास किया है।
(फिरोज अहमद) लक्सर। भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री गौरव गोयल ने आज अपनी शादी की 15वीं वर्षगांठ बड़ी सादगी एवं सेवाभाव पूर्ण तरीके से गौशाला सभा रुड़की में मनाई। गौरव गोयल ने अपने धर्मपत्नी शालिनी गोयल एवं पुत्र प्रणव गोयल के साथ गौशाला में गाय माता की सेवा की। ज्ञात रहे कि समाजसेवी गौरव गोयल गत 15-20 वर्षों से शादी की वर्षगांठ ही नहीं बल्कि अपने माता पिता का जन्मदिन, अपना जन्मदिन आदि गौशालाओं के अलावा कुष्ठ आश्रम, वृद्धा आश्रम, अनाथ आश्रम आदि में ही जाकर मनाते रहे हैं। यह उनका जो सेवाभाव से कार्य करने का तरीका है। उसके पीछे उनका मानना यह है। कि ईश्वर ने जब हमें इतनी शक्ति प्रदान की है। तो क्यों ना हम अपनी शक्ति का सही उपयोग करें तथा अपनी नेक कमाई में से कुछ हिस्सा निकालकर उन गरीबों एवं असहाय लोगों के बीच जाकर उनके दुख सुख में अपनी उपस्थिति दर्ज करा कर उनको भी अपनी खुशी में क्यों ना शामिल करें। उनकी मंशा का केवल यह मत है। कि दीन दुखियों की सेवा करने से जहां ईश्वर की प्राप्ति होती है।वहीं इससे मानवता को भी बचाने का अवसर प्राप्त होता है। इसीलिए आज उन्होंने अपनी 15वीं वर्षगांठ को गौ सेवा के रूप में समर्पित कर समाज को एक नए संदेश देने का प्रयास किया है।



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