हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मौ. आरिफ) हरिद्वार। चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति (रजि.) ने अपनी लंबित 14 सूत्रीय मांगों को प्रस्तावित 4 दिसंबर को विधानसभा सत्र में प्रस्तुत करवाकर पारित करने के लिए समिति केंद्रीय अध्यक्ष जे०पी० पांडे ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, वित्त मंत्री प्रकाश पंत, प्रतिपक्ष नेता श्रीमती इंदिरा हृदयेष एवं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह को एक हस्ताक्षर युक्त पत्र प्रस्तुत किया। ज्ञापन में समिति केंद्र अध्यक्ष जे०पी० पांडे ने कहा कि राज्य आंदोलनकारी लंबे समय से अपनी 14 सूत्रीय मांगों से संबंधित सैकड़ों ज्ञापन राज्य सरकार को दे चुके हैं। लेकिन राज्य सरकार ने अपने लगभग 2 साल के कार्यकाल में एक मांग का संज्ञान भी नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि पिछली विधानसभा सत्र में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह द्वारा मांगों को पटल पर रखे जाने पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा राज्य सरकार को राज्य आंदोलनकारियों की लंबित मांगों का निस्तारण करने के निर्देश को भी दरकिनार कर दिया है। उन्होंने ज्ञापन में विधानसभा सत्र के घेराव का मन बनाते हुए कहा कि अब अपेक्षा बर्दाश्त नहीं ,करो या मरो, के लिए आंदोलन के मूड में राज्य आंदोलनकारी हैं राज्य आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगे चिन्हितकरण से वंचितों का चिन्हितकरण, 10 प्रतिशत आरक्षण, और एक सम्मान पेंशन है। ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वालों में महिला प्रकोष्ठ केंद्रीय अध्यक्ष सावित्री नेगी, केंद्रीय प्रचार मंत्री महियन सिंह नेगी, वीर्धपाल सिंह नेगी, जान मोहम्मद, विशंबर दत्त बौठिपाल, माया बडोला, उमा रावत, आर.पी.डोभाल, रश्मि चमोली, मीरा रतूड़ी, पार्वती रतूड़ी, मनू थापा, बालगोविंद डोभाल, पृथ्वीराज कपूर, गणेश रमोला, राजेंद्र सिंह और मधु डबराल आदि प्रमुख थे।
(मौ. आरिफ) हरिद्वार। चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति (रजि.) ने अपनी लंबित 14 सूत्रीय मांगों को प्रस्तावित 4 दिसंबर को विधानसभा सत्र में प्रस्तुत करवाकर पारित करने के लिए समिति केंद्रीय अध्यक्ष जे०पी० पांडे ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, वित्त मंत्री प्रकाश पंत, प्रतिपक्ष नेता श्रीमती इंदिरा हृदयेष एवं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह को एक हस्ताक्षर युक्त पत्र प्रस्तुत किया। ज्ञापन में समिति केंद्र अध्यक्ष जे०पी० पांडे ने कहा कि राज्य आंदोलनकारी लंबे समय से अपनी 14 सूत्रीय मांगों से संबंधित सैकड़ों ज्ञापन राज्य सरकार को दे चुके हैं। लेकिन राज्य सरकार ने अपने लगभग 2 साल के कार्यकाल में एक मांग का संज्ञान भी नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि पिछली विधानसभा सत्र में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह द्वारा मांगों को पटल पर रखे जाने पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा राज्य सरकार को राज्य आंदोलनकारियों की लंबित मांगों का निस्तारण करने के निर्देश को भी दरकिनार कर दिया है। उन्होंने ज्ञापन में विधानसभा सत्र के घेराव का मन बनाते हुए कहा कि अब अपेक्षा बर्दाश्त नहीं ,करो या मरो, के लिए आंदोलन के मूड में राज्य आंदोलनकारी हैं राज्य आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगे चिन्हितकरण से वंचितों का चिन्हितकरण, 10 प्रतिशत आरक्षण, और एक सम्मान पेंशन है। ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वालों में महिला प्रकोष्ठ केंद्रीय अध्यक्ष सावित्री नेगी, केंद्रीय प्रचार मंत्री महियन सिंह नेगी, वीर्धपाल सिंह नेगी, जान मोहम्मद, विशंबर दत्त बौठिपाल, माया बडोला, उमा रावत, आर.पी.डोभाल, रश्मि चमोली, मीरा रतूड़ी, पार्वती रतूड़ी, मनू थापा, बालगोविंद डोभाल, पृथ्वीराज कपूर, गणेश रमोला, राजेंद्र सिंह और मधु डबराल आदि प्रमुख थे।



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