हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। अब्दुल गफ्फार उर्फ अब्दुल गफूर पुत्र बुन्दू निवासी तारा लोज पौडी गढवाल जो अपने जीवन के आखिरी पडाव पर है, और इस समय जिला कारागार देहरादून मे आजीवन सजा भोग रहे है, अब्दुल गफ्फार की आयु वर्तमान मे 76 वर्ष है, और एक बात अहम ये भी है, कि अब्दुल गफ्फार काफी अस्वस्थ रहते है, सजा भोगते हुए ही अब्दुल गफ्फार की दोनो आंखों का ओपरेशन तथा दिल की बाई पास सर्जरी हो चुकी है, तथा वर्तमान मे भी काफी बीमार चल रहे है, और चिकित्सकों ने दोबारा बाई पास सर्जरी कराने के लिए जेल प्रबंधन को सलाह दी है, तथा अब्दुल गफ्फार आयु और बीमारी के कारण मानसिक रूप से भी काफी कमजोर हो गये है, तथा उनके परिवार की हालत भी सही नही है, तथा उनके परिवार मे कुल 8 सदस्य है, जिसमे 4 लडकियां है, तथा 2 लडके है, लडके नाबालिग है, तथा लडकियां जवान हो चुकी है, जिनकी शादी भी होना जरूरी है, जबकि सरकार द्वारा समय पूर्व रिहाई के लिए काफी सिद्धदोष बंदियों की रिहाई की संस्तुति के आधार पर महामहिम राज्यपाल ने सजा माफी की अपील को स्वीकार करके काफी सिद्धदोष बंदियों को रिहा किया है, और राज्य सरकार के पत्र संख्या-854 /666/गांधी ज०/ 2018 दिनांक 03 अगस्त 2018 मे भी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की 150 वी जयंती के उपलक्ष्य मे अच्छे आचरण के सिद्ध दोष बंदियों को विशेष परिहार प्रदान किये जाने के भारत सरकार के पत्र संख्या- 17013/1717/ 2018-पीआर दिनांक 31 जुलाई 2018 के साथ सचिव ग्रह मंत्रालय भारत सरकार के 02 अक्टूबर 2018 से 02 अक्टूबर 2020 तक मनायी जायेगी, जिसके अन्तर्गत विशिष्ट श्रेणी के बंदियों को अच्छे आचरण पर विशेष परिहार तीन फेज- प्रथम फेज दिनांक 02 अक्टूबर 2018 (गांधी जयंती), दितीय फेज 06 अप्रैल 2019 (डांडी यात्रा साल गिरह) एवं तृतीय फेज दिनांक 02 अक्टूबर 2019 (गाँधी जयन्ती) मे देकर रिहा किया जायेगा, तो मै अब्दुलसत्तार आर० टी०आई०समाजिक कार्य कर्ता महामहिम राज्यपाल, माननीय मुख्य मंत्री महोदय, ग्रह सचिव, आई०जी०जेल वे शासन प्रशासन के समस्त अधिकारी गणो से अनुरोध है, कि अब्दुल गफ्फार को आयु, जेल मे अच्छे आचरण, भोगी गयी सजा, बीमारी, परिवार की हालत को देखते हुए समय पूर्व रिहाई प्रदान करके मानवता का परिचय दे, ताकि जीवन के आखिरी पडाव मे अब्दुल गफ्फार अपने परिवार मे बचा जीवन काट सके।
(रजत चौहान) हरिद्वार। अब्दुल गफ्फार उर्फ अब्दुल गफूर पुत्र बुन्दू निवासी तारा लोज पौडी गढवाल जो अपने जीवन के आखिरी पडाव पर है, और इस समय जिला कारागार देहरादून मे आजीवन सजा भोग रहे है, अब्दुल गफ्फार की आयु वर्तमान मे 76 वर्ष है, और एक बात अहम ये भी है, कि अब्दुल गफ्फार काफी अस्वस्थ रहते है, सजा भोगते हुए ही अब्दुल गफ्फार की दोनो आंखों का ओपरेशन तथा दिल की बाई पास सर्जरी हो चुकी है, तथा वर्तमान मे भी काफी बीमार चल रहे है, और चिकित्सकों ने दोबारा बाई पास सर्जरी कराने के लिए जेल प्रबंधन को सलाह दी है, तथा अब्दुल गफ्फार आयु और बीमारी के कारण मानसिक रूप से भी काफी कमजोर हो गये है, तथा उनके परिवार की हालत भी सही नही है, तथा उनके परिवार मे कुल 8 सदस्य है, जिसमे 4 लडकियां है, तथा 2 लडके है, लडके नाबालिग है, तथा लडकियां जवान हो चुकी है, जिनकी शादी भी होना जरूरी है, जबकि सरकार द्वारा समय पूर्व रिहाई के लिए काफी सिद्धदोष बंदियों की रिहाई की संस्तुति के आधार पर महामहिम राज्यपाल ने सजा माफी की अपील को स्वीकार करके काफी सिद्धदोष बंदियों को रिहा किया है, और राज्य सरकार के पत्र संख्या-854 /666/गांधी ज०/ 2018 दिनांक 03 अगस्त 2018 मे भी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की 150 वी जयंती के उपलक्ष्य मे अच्छे आचरण के सिद्ध दोष बंदियों को विशेष परिहार प्रदान किये जाने के भारत सरकार के पत्र संख्या- 17013/1717/ 2018-पीआर दिनांक 31 जुलाई 2018 के साथ सचिव ग्रह मंत्रालय भारत सरकार के 02 अक्टूबर 2018 से 02 अक्टूबर 2020 तक मनायी जायेगी, जिसके अन्तर्गत विशिष्ट श्रेणी के बंदियों को अच्छे आचरण पर विशेष परिहार तीन फेज- प्रथम फेज दिनांक 02 अक्टूबर 2018 (गांधी जयंती), दितीय फेज 06 अप्रैल 2019 (डांडी यात्रा साल गिरह) एवं तृतीय फेज दिनांक 02 अक्टूबर 2019 (गाँधी जयन्ती) मे देकर रिहा किया जायेगा, तो मै अब्दुलसत्तार आर० टी०आई०समाजिक कार्य कर्ता महामहिम राज्यपाल, माननीय मुख्य मंत्री महोदय, ग्रह सचिव, आई०जी०जेल वे शासन प्रशासन के समस्त अधिकारी गणो से अनुरोध है, कि अब्दुल गफ्फार को आयु, जेल मे अच्छे आचरण, भोगी गयी सजा, बीमारी, परिवार की हालत को देखते हुए समय पूर्व रिहाई प्रदान करके मानवता का परिचय दे, ताकि जीवन के आखिरी पडाव मे अब्दुल गफ्फार अपने परिवार मे बचा जीवन काट सके।



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