हरिद्वार की गूंज (24*7)
(फिरोज अहमद) लक्सर। राष्ट्रीय एकता परिवार एवं भूमंडल वनस्पति अनुष्ठान केंद्र समिति की ओर से रुड़की सत्ती मोहल्लला में निर्धन एवं असहाय लोगों के लिए चला जा रहे नि:शुल्क भोजनालय के सौ दिन पूरे होने पर संस्था के अध्यक्ष एवं समाजसेवी हैदर अब्बास जैदी ने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है। कि भूखे लोगों के लिए भरपेट खाने की जो व्यवस्था उन्होंने चलाई है। आज उसके सौ दिन पूरे हो गए हैं। जिसमें प्रतिदिन दोपहर शाम का भोजन दर्जनों लोग ग्रहण कर रहे हैं। उनका कहना है कि मां का अपना रसोई घर नाम से चला जा रहे इस नि:शुल्क भोजनालय में उनकी संस्था गरीबों को भर पेट भोजन खिला रही है। उन्होंने बताया कि इसमें नगर के कुछ सामाजिक संस्था के लोगों का सहयोग भी लगातार हमें मिल रहा है। हमारा प्रयास है। कि यह भोजनालय ऐसे ही लंबे समय तक भूखे एवं लाचार लोगों का पेट भरता रहे।जहां यह कार्य पुण्य का है ही हमें भी ऐसे लोगों की सेवा करने से जो आनंद का अनुभव होता है। वह अपने आप में अद्भुत है। उन्होंने नगर के संपन्न लोगों से आह्वान किया कि वह भी समाज के निर्धन लोगों की सेवा के लिए आगे आएं तथा जो प्रयास हम लोग कर रहे हैं। उसमें अपनी हर संभव सहायता देकर हमारा मनोबल ऊंचा करने का कार्य करें।क्योंकि यह ईश्वरीय कार्य है। और नर सेवा को ही नारायण सेवा भी कहा गया है। समाज में जो निर्धन व असहाय प्राणी हैं। उनकी सेवा करना हम सब की जिम्मेदारी है। यही भाव मन में लेकर हम इस कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं।.संस्था के मोहम्मद हाशिम एवं इरशाद अहमद का भी इस नि:शुल्क भोजनालय में विशेष योगदान है। जिसकी क्षेत्र में भर-पूर प्रशंसा हो रही है।
(फिरोज अहमद) लक्सर। राष्ट्रीय एकता परिवार एवं भूमंडल वनस्पति अनुष्ठान केंद्र समिति की ओर से रुड़की सत्ती मोहल्लला में निर्धन एवं असहाय लोगों के लिए चला जा रहे नि:शुल्क भोजनालय के सौ दिन पूरे होने पर संस्था के अध्यक्ष एवं समाजसेवी हैदर अब्बास जैदी ने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है। कि भूखे लोगों के लिए भरपेट खाने की जो व्यवस्था उन्होंने चलाई है। आज उसके सौ दिन पूरे हो गए हैं। जिसमें प्रतिदिन दोपहर शाम का भोजन दर्जनों लोग ग्रहण कर रहे हैं। उनका कहना है कि मां का अपना रसोई घर नाम से चला जा रहे इस नि:शुल्क भोजनालय में उनकी संस्था गरीबों को भर पेट भोजन खिला रही है। उन्होंने बताया कि इसमें नगर के कुछ सामाजिक संस्था के लोगों का सहयोग भी लगातार हमें मिल रहा है। हमारा प्रयास है। कि यह भोजनालय ऐसे ही लंबे समय तक भूखे एवं लाचार लोगों का पेट भरता रहे।जहां यह कार्य पुण्य का है ही हमें भी ऐसे लोगों की सेवा करने से जो आनंद का अनुभव होता है। वह अपने आप में अद्भुत है। उन्होंने नगर के संपन्न लोगों से आह्वान किया कि वह भी समाज के निर्धन लोगों की सेवा के लिए आगे आएं तथा जो प्रयास हम लोग कर रहे हैं। उसमें अपनी हर संभव सहायता देकर हमारा मनोबल ऊंचा करने का कार्य करें।क्योंकि यह ईश्वरीय कार्य है। और नर सेवा को ही नारायण सेवा भी कहा गया है। समाज में जो निर्धन व असहाय प्राणी हैं। उनकी सेवा करना हम सब की जिम्मेदारी है। यही भाव मन में लेकर हम इस कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं।.संस्था के मोहम्मद हाशिम एवं इरशाद अहमद का भी इस नि:शुल्क भोजनालय में विशेष योगदान है। जिसकी क्षेत्र में भर-पूर प्रशंसा हो रही है।



Post A Comment:
0 comments so far,add yours