हरिद्वार की गूंज (24*7)
(फिरोज अहमद) लक्सर। असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक विजयदशमी पर्व लक्सर में धुमधाम से मनाया गया। इस दौरान अहंकार रूपी रावण ओर कुंभकर्ण का पुतला दहन किये गया। लक्सर रेलवे परिसर में श्री भगवान राम और रावण की सेना के बीच में लम्बे समय तक भंयकर युद्व हुआ। श्री भगवान राम के स्वरूपी युद्ध के मैदान आये। जहां अहिरावण और रावण से भगवान श्री राम का युद्व हुआ तथा अहिरावण छल से भगवान राम और लक्ष्मण को पाताल की ओर ले गया। तभी हनुमान जी ने अहिरावण का वध किया। इसके बाद श्री राम ओर रावण के बीच युद्व की शुरूवात हुई। दोनो ओर से लम्बे समय तक युद्व चलता रहा। एक घन्टे से अधिक चले युद्व मे विभीषत के बताने के बाद नाभी मे तीर मारकर श्री भगवान राम ने रावण का वध किया। अंत मे बुराई पर अच्छाई की जीत हुई। तथा भगवान के अग्नि बाण से अंहकारी रावण का पुतला धू धू कर जल उठा अंत में भगवान राम की सेना विजयी हुई भगवान राम की विजय होते ही रेल मैदान परिसर मे जयकारे लगने लगे। जयकारो की गूंज दूर दूर तक सुनाई देने लगी। आयोजित मेले मे दूर-दूर के क्षेत्रो से हजारो की संख्या मे लोग असत्य पर सत्य की जीत देखने के लिये उमडे तथा मेले मे आये पुरूष महिलाऐ एवं बच्चो ने लुप्त उठाया। बच्चो ने धनुष बाण तलवार, गदा, मुखौटो सहित अन्य चीजो की जमकर खरीदारी की। पुरूष महिलाओ ने भी चाट सहित अन्य चीजो का जायका लिया। मेले की सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन ने भी कमर कसी हुई थी। कोई अनहोनी न हो, एस० डी० एम० कौस्तुभ मिश्रा, सी०ओ० रचित जुयाल बाजार चौकी इंचार्ज लक्सर द्वारा कडे इन्तेजाम किये गये तथा चप्पे चप्पे पर पुलिस के जवानो ने संघित्व वस्तु व व्यकित एवं शरारती तत्वो पर पैनी नजरे रखे हुये थे।
(फिरोज अहमद) लक्सर। असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक विजयदशमी पर्व लक्सर में धुमधाम से मनाया गया। इस दौरान अहंकार रूपी रावण ओर कुंभकर्ण का पुतला दहन किये गया। लक्सर रेलवे परिसर में श्री भगवान राम और रावण की सेना के बीच में लम्बे समय तक भंयकर युद्व हुआ। श्री भगवान राम के स्वरूपी युद्ध के मैदान आये। जहां अहिरावण और रावण से भगवान श्री राम का युद्व हुआ तथा अहिरावण छल से भगवान राम और लक्ष्मण को पाताल की ओर ले गया। तभी हनुमान जी ने अहिरावण का वध किया। इसके बाद श्री राम ओर रावण के बीच युद्व की शुरूवात हुई। दोनो ओर से लम्बे समय तक युद्व चलता रहा। एक घन्टे से अधिक चले युद्व मे विभीषत के बताने के बाद नाभी मे तीर मारकर श्री भगवान राम ने रावण का वध किया। अंत मे बुराई पर अच्छाई की जीत हुई। तथा भगवान के अग्नि बाण से अंहकारी रावण का पुतला धू धू कर जल उठा अंत में भगवान राम की सेना विजयी हुई भगवान राम की विजय होते ही रेल मैदान परिसर मे जयकारे लगने लगे। जयकारो की गूंज दूर दूर तक सुनाई देने लगी। आयोजित मेले मे दूर-दूर के क्षेत्रो से हजारो की संख्या मे लोग असत्य पर सत्य की जीत देखने के लिये उमडे तथा मेले मे आये पुरूष महिलाऐ एवं बच्चो ने लुप्त उठाया। बच्चो ने धनुष बाण तलवार, गदा, मुखौटो सहित अन्य चीजो की जमकर खरीदारी की। पुरूष महिलाओ ने भी चाट सहित अन्य चीजो का जायका लिया। मेले की सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन ने भी कमर कसी हुई थी। कोई अनहोनी न हो, एस० डी० एम० कौस्तुभ मिश्रा, सी०ओ० रचित जुयाल बाजार चौकी इंचार्ज लक्सर द्वारा कडे इन्तेजाम किये गये तथा चप्पे चप्पे पर पुलिस के जवानो ने संघित्व वस्तु व व्यकित एवं शरारती तत्वो पर पैनी नजरे रखे हुये थे।



Post A Comment:
0 comments so far,add yours