हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मनीष लखानी) हरिद्वार। अमृतसर में हुए रेल हादसे में सेकड़ो लोगो को अपनी जान गवानी पड़ी कई परिवार बेघर हो गए कई बच्चे अनाथ हो गए बहुत ही दुःखद पल है ये अमृतसर वालो को लिए । रेल हादसे के बाद जहा अमृतसर शहर शौक में डूबा हुआ है वही पूरे देश मे भी शौक की लहर है और लोगो मे गुस्सा भी । गुस्सा होना लाजमी है कि सेकड़ो परिवार बेघर हुए है लोग इसमे गलती प्रशाशन की निकालते है कि उन्होंने सुरक्षा के इंतजाम नही किये । इस हादसे में जितनी गलती प्रशाशन की है उससे कई ज्यादा गलती आयोजको की भी है क्यों उन्हें सुरक्षा के इंतजाम नही किये क्यों उन्होंने जनता की जान के साथ खिलवाड़ किया प्रशाशन को अब जागना चाहिए अगर अब भी नही जागा तो और भी बड़े हादसे हो सकते है प्रायः देखा गया है कि पुतला दहन होने के बाद आयोजक वाह से भाग जाते है और जनता रावण के जलते पुतले के पास अवशेष लेने के लिए भागती है जिससे अफरातफरी का भी माहौल बन जाता है और बड़ा हादसा होने के आसार बने रहते है हरिद्वार में भी कई स्थानों में ऐसे देखने को मिलता है।
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