हरिद्वार की गूंज
(फिरोज अहमद) लक्सर। जमीयत उलमा ए हिंद हरिद्वार की मदरसा मिस्बाह उल उलूम रुड़की में हुई बैठक को संबोधित करते हुए जमीयत के जिला अध्यक्ष मौलाना शराफत अली ने कहा कि कुरान की शिक्षा और आदर्श को आम करना हर मुसलमान की जिम्मेदारी है। दीन और दुनिया की तालीम हासिल किए बिना कोई कौम तरक्की नहीं कर सकती है। उन्होंने कहा कि कुरान का अहम फैसला है। कि अहले ईमान आपस में मिल जुल कर रहे तथा एक दूसरे की मदद और उनके सुख-दुख में शामिल हों। कुरान पाक ने जहां शांति और अमन का संदेश दिया है। वहीं यह पूरी मानवता के लिए हिदायत और सच्चाई का मार्गदर्शन करती है। उन्होंने कहा कि मुसलमान आज अपने मकसद और कुरान की हिदायत से दूर होने की वजह से संपूर्ण विश्व में रुसवाई का सामना कर रहा है। जिला अध्यक्ष मौलाना शराफत अली ने कहा कि जमीअत उलमा हिंद का देश की आजादी में विशेष योगदान रहा है। देश को आजाद कराने में हजारों उन्होंने अपनी कुर्बानिया दीं। उन्होंने कहा कि आज जमीयत उलमा हिंद को सौ वर्ष पूरे हो रहे हैं। वर्ष 1919 में इसका विधिवत गठन किया गया था। इससे पूर्व जमीयत से जुड़े उन्होंने देशवासियों के साथ मिलकर जो अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी वह स्मरणीय है। किंतु सभी को साथ लेकर चलने की जब आवश्यकता पड़ी तो हिंदू, मुस्लिम को एकजुट कर ने के लिए जमीयत उलमा हिंद का गठन करना पड़ा। उन्होंने देश के बंटवारे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि आज देश के बट जाने के कारण दो भाई भी आपस में अलग-अलग हो गए। उन्होंने जमीयत के कार्यों एवं सेवाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह संस्था देश के उत्थान कार्यों के अलावा समाज के बेसहारा एवं भूले भटके लोगों की मदद के लिए भी सदैव तत्पर रहती है। उन्होंने बताया कि जमीयत के सौ वर्ष पूरे होने पर आगामी वर्ष में देशभर में बड़े स्तर पर जहां सदस्यता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं इसे शताब्दी वर्ष के रूप में भी जोर शोर से मनाया जाएगा। इस अवसर पर मौलाना नवाब अली,मुफ्ती मोहम्मद तंजीम,कारी मोहम्मद सुलेमान,मौलवी मसर्रत अली,मौलाना जुबेर अहमद,कारी नफीस अहमद,मुफ्ती जावेद अली,मौलाना सरफराज अली,मौलाना जमशेद अली,मौलाना शमशाद अली,कारी मुराद अली,हाफिज अब्दुल समी,हाजी मोहम्मद असलम,कारी नईम अहमद,कारी मोहम्मद नौशाद और रईस अहमद आदि अनेक आलिम ए दीन मौजूद रहे।
(फिरोज अहमद) लक्सर। जमीयत उलमा ए हिंद हरिद्वार की मदरसा मिस्बाह उल उलूम रुड़की में हुई बैठक को संबोधित करते हुए जमीयत के जिला अध्यक्ष मौलाना शराफत अली ने कहा कि कुरान की शिक्षा और आदर्श को आम करना हर मुसलमान की जिम्मेदारी है। दीन और दुनिया की तालीम हासिल किए बिना कोई कौम तरक्की नहीं कर सकती है। उन्होंने कहा कि कुरान का अहम फैसला है। कि अहले ईमान आपस में मिल जुल कर रहे तथा एक दूसरे की मदद और उनके सुख-दुख में शामिल हों। कुरान पाक ने जहां शांति और अमन का संदेश दिया है। वहीं यह पूरी मानवता के लिए हिदायत और सच्चाई का मार्गदर्शन करती है। उन्होंने कहा कि मुसलमान आज अपने मकसद और कुरान की हिदायत से दूर होने की वजह से संपूर्ण विश्व में रुसवाई का सामना कर रहा है। जिला अध्यक्ष मौलाना शराफत अली ने कहा कि जमीअत उलमा हिंद का देश की आजादी में विशेष योगदान रहा है। देश को आजाद कराने में हजारों उन्होंने अपनी कुर्बानिया दीं। उन्होंने कहा कि आज जमीयत उलमा हिंद को सौ वर्ष पूरे हो रहे हैं। वर्ष 1919 में इसका विधिवत गठन किया गया था। इससे पूर्व जमीयत से जुड़े उन्होंने देशवासियों के साथ मिलकर जो अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी वह स्मरणीय है। किंतु सभी को साथ लेकर चलने की जब आवश्यकता पड़ी तो हिंदू, मुस्लिम को एकजुट कर ने के लिए जमीयत उलमा हिंद का गठन करना पड़ा। उन्होंने देश के बंटवारे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि आज देश के बट जाने के कारण दो भाई भी आपस में अलग-अलग हो गए। उन्होंने जमीयत के कार्यों एवं सेवाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह संस्था देश के उत्थान कार्यों के अलावा समाज के बेसहारा एवं भूले भटके लोगों की मदद के लिए भी सदैव तत्पर रहती है। उन्होंने बताया कि जमीयत के सौ वर्ष पूरे होने पर आगामी वर्ष में देशभर में बड़े स्तर पर जहां सदस्यता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं इसे शताब्दी वर्ष के रूप में भी जोर शोर से मनाया जाएगा। इस अवसर पर मौलाना नवाब अली,मुफ्ती मोहम्मद तंजीम,कारी मोहम्मद सुलेमान,मौलवी मसर्रत अली,मौलाना जुबेर अहमद,कारी नफीस अहमद,मुफ्ती जावेद अली,मौलाना सरफराज अली,मौलाना जमशेद अली,मौलाना शमशाद अली,कारी मुराद अली,हाफिज अब्दुल समी,हाजी मोहम्मद असलम,कारी नईम अहमद,कारी मोहम्मद नौशाद और रईस अहमद आदि अनेक आलिम ए दीन मौजूद रहे।



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