हरिद्वार की गूंज
(रजत चौहान) रुड़की।
अपर तहसीलदार रुड़की की बढ़ती हठधर्मिता के विरोध में कचहरी के अधिवक्ताओं का हड़ताल/प्रदर्शन चौथे दिन भी जारी रहा। अधिवक्ताओं ने अपर तहसीलदार पर मनमर्जी से काम करने और सीनियर अधिवक्ताओं के साथ बात-बात पर अभद्रता करने का आरोप लगाया। उनका आरोप है कि अधिवक्ताओं के प्रति अपर तहसीलदार का दुर्व्यव्हारपूर्ण रवैया चिंताजनक है, इसे किसी भी सूरत में बर्दास्त नही किया जाएगा ओर उनके निलबंन तक उनका विरोध जारी रहेगा।चौथे दिन हड़ताल/प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए रुड़की एडवोकेट एसो. अध्यक्ष चौ. लिल्लु सिंह ने कहा कि अधिवक्ताओं के साथ अभद्रता बर्दाश्त नही की जाएगी ओर माँगो के माने जाने तक हड़ताल जारी रहेगी। वही उपाध्यक्ष दिनेश धीमान एड ने कहा कि अधिवक्ता एक सम्मानित वर्ग से ताल्लुक रखता है और ऐसे में अधिकारियों द्वारा उनका मानसिक उत्पीड़न किया जाना एक गंभीर विषय है। इसी बीच हड़ताल/प्रदर्शन स्थल पर पहुँचे विधायक प्रदीप बत्रा ने कहा कि सभी अधिवक्तागण अधिकारियों से ताल-मेल बनाकर रखें ताकि दोनों ही वर्ग को किसी भी परेशानी से न जूझना पड़े और न ही इस तरह का माहौल पैदा हो। वही अपर तहसीलदार सुशीला कोठियाल ने कहा कि सभी अधिवक्ता उनके लिए सम्मनित है और अधिकारी व अधिवक्ताओं में हमेशा प्रेमभाव बना रहे, इस तरह का हमे प्रयास करना चाहिए। लेकिन अधिवक्ताओं के साथ हुई घटना पर न तो विधायक प्रदीप बत्रा और न ही अपर तहसीलदार सुशीला कोठियाल ने कोई प्रतिक्रिया दी। इस पर अधिवक्ताओं में रोष फेल गया और उन्होंने दोनों का ही विरोध किया। वहीं राज्य बार परिषद (स्टेट बार काउंसिल) के सदस्य राव मुनफैत अली एड. ने कहा कि जिस तरह से एक जनप्रतिनिधि होने के नाते विधायक प्रदीप बत्रा ने अधिवक्ताओं के हितों की अनदेखी कर अधिकारियों के नक्शे कदम पर चलकर अपना निंदनीय ब्यान दिया, वह बेहद शर्मनाक है। विधायक प्रदीप बत्रा ने अधिवक्ताओं की पीड़ा को सुनने के बजाए अधिकारियों का ही पक्ष रखा जैसे कि अधिवक्ता कोई अपराध किये हुए है। उन्होंने कहा कि दोनों एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं। एक अधिवक्ताओं से अभद्रतापूर्ण रवैया अपनाता है तो दूसरा उनके जख्मों पर नमक छिड़कने का काम करता है। उन्होंने कहा कि शनिवार को आईएएस एडीएम हरिद्वार ने उन्हें भरोसा दिया कि उक्त अधिकारी उनसे माफी माँगेगी, लेकिन उनका वायदा भी झूठा निकला। उन्होंने प्रशासन से माँग करते हुए कहा कि जब तक अपर तहसीलदार सुशीला कोठियाल को सस्पेंड नही किया जाता, तब तक उनका हड़ताल/प्रदर्शन जारी रहेगा। वही स्टेट बार काउंसिल के सदस्य चौ. सुखपाल सिंह ने अधिवक्ताओं के प्रति अधिकारियों के रवैये की कड़े शब्दों में निंदा की ओर कहा कि ऐसे अधिकारियों को तहसील में बर्दास्त नही किया जाएगा।
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