हरिद्वार की गूंज

(मौ.आरिफ) हरिद्वार। सुप्रीम कोर्ट ने आधार कार्ड की संवैधानिक वैधता तथा कुछ बदलाव के साथ बड़ा फैसला सुना दिया है। कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एके सीकरी, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर, न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की संविधान पीठ ने बुधवार को बड़ा फैसला लेते हुए आधार कार्ड को वेध ठहराया है। लेकिन आधार कार्ड की कुछ प्रावधानों को निरस्त करने के भी आदेश दिए हैं। कोर्ट ने साफ कर दिया है। कि आधार कार्ड कहां देना है। और कहां नहीं। आपको बता दें कोर्ट ने अपने आदेश में कहां है। कि पैन कार्ड को आधार नंबर से जोड़ना अनिवार्य होगा। आयकर रिटर्न भरने के साथ साथ सरकारी  योजनाओं का लाभ लेने तथा सब्सिडी के लिए भी आधार कार्ड लिंक अनिवार्य करना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ किया है। कि बैंक खाते को आधार से जोड़ना अनिवार्य नहीं होगा। टेलीकॉम सेवा, मोबाइल नंबर तथा सीबीएसई, नीट, यूजीसी के साथ साथ स्कूलों, कॉलेजों में दाखिले के लिए भी आधार कार्ड लिंक अनिवार्य नहीं होगा। कोर्ट ने यह भी साफ किया है। कि 14 साल के कम उम्र के बच्चों को सरकारी योजनाओं से वंचित नहीं रखा जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के आधार कार्ड पर अहम फैसले से जनता को जहां राहत की सांस मिलेगी ही। वहीं गलत नीति के कारण आधार कार्ड डाटा निजी हाथों में नहीं जाएगा।
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