हरिद्वार की गूंज
(बलकित सिंह) हरिद्वार, 
पीड़ितों की सेवा में सदैव अग्रणी रहने वालेअखिल विश्व गायत्री परिवार केरल बाढ़पीड़ितों की सेवा में जुटा है। पिछले कईदिनों से शांतिकुंज के दक्षिण भारत जोन केप्रभारी डॉ. बृजमोहन गौड, आपदा प्रबंधनविभाग शांतिकुंज के श्री राकेश जायसवाल,श्री उत्तम गायकवाड़, श्री उमेश शर्मा आदिकी टीमें केरल के बाढ़ प्रभावित बारह जिलोंमें राहत कार्य में जुटी हैं।
                शांतिकुंज स्थित दक्षिण भारतजोन से प्राप्त जानकारी के अनुसार गायत्रीपरिवार ने केरल के एर्नाकुलम में राहतशिविर का बैस कैम्प बनाया है। जहाँ सेगाँव-गाँव जाकर सर्वे कार्य से लेकर राहतसामग्री पहुँचाने में दस हजार से अधिकस्वयंसेवी कार्यकर्त्ता दिनरात जुटे हैं। राहतकार्य के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गयीहै। जिसमें तैयार भोजन-पैकेट देने, कच्चाभोजन सामग्री, आवासीय सामग्री, मेडिकलसेवा एवं सफाई अभियान प्रमुख है। इनसेवा कार्यों हेतु कालीकट में श्री विश्वनाथन,ज्योतिष प्रभाकरन, कन्नूर में डॉ. नारायणपूद्दू सेरी, एर्नाकुलम में अशोक अग्रवाल,लाजपतराय कचौलिया, रमन चोपड़ा, पीसीअग्रवाल, महेश, अहमदाबाद के डॉ.भीखूभाई पटेल, मंगलभाई पटेल आदि कीटीम सतत सक्रिय हैं।
                अखिल विश्व गायत्री परिवारप्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या ने कहा किशांतिकुंज ने केरल बाढ़ पीड़ितों के लिएसात सूत्रीय कार्य योजना बनाई है। जिसमेंभोजन पैकेट पहुँचाना, मेडिकल सेवाएँ,दैनिक उपयोगी की आवश्यक सामग्रियाँ,सफाई अभियान आदि लघु योजनाएँ हैं।जबकि भवनों का निर्माण, स्कूलों कापुनर्निमाण, सामुदायिक भवनों कापुनर्निमाण तथा बाढ़ प्रभावित जिलों के दो-दो गाँवों को गोद लेकर विकास कार्य कियाजायेगा। साथ ही भविष्य में ऐसी दैवीयआपदाओं के समय त्वरित राहत कार्य कियेजा सकें, इसके लिए त्वरित आपदा प्रबंधनसेवादल का गठन भी किया जायेगा।
                वहीं दूसरी ओर गायत्रीविद्यापीठ शांतिकुंज के नौनिहालों नेरक्षाबंधन में मिले उपहारों को केरल बाढ़पीड़ितों के लिए समर्पित कर दिया। साथ हीनन्हें-मुन्ने बच्चों ने अपने पॉकेट खर्च के लिएमिले पैसों को भी केरल के बच्चों के पुस्तकोंहेतु दान किया। उनकी सेवा भावना से अन्यलोग भी काफी प्रभावित हैं। वहीं शांतिकुंजके चैतन्य सिद्ध क्षेत्र में रखे केरल बाढ़पीड़ित राहत घट में लोगों ने उदारतापूर्वकसहयोग कर रहे हैं। विद्यापीठ  राहत घटद्वारा एकत्रित राशि को केरल भेजी जायेगी।
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