हरिद्वार की गूंज
(फिरोज अहमद) लक्सर। बरसात होने पर खुली विकास कार्यों की पोल सडके हुई तालाब में तब्दील ग्रामीणों में भारी आक्रोश कहां की SDM कौस्तुभ मिश्रा लक्सर नहीं सुनते हम ग्रामीणों की आवाज। मामला लक्सर ब्लॉक क्षेत्र के बसेड़ी खादर गांव का है लोगों का कहना है कि ना तो गांव के अंदर पुलिया खोदी गई है और ना ही नालियों का निर्माण हुआ है। और तालाब की बात करे तो तालाब पूरी तरह से अटा है। बारिश के चलते हमारे घरों में पानी भर जाता है। जिससे हमें बहुत ही कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि हमने इसकी शिकायत SDM को कई बार की। मगर आज तक कोरे आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। आज हमारे हालात बद से बत्तर हैं। और हम बरसात के चलते नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि इस बाबत हमने जिला अधिकारी को पत्र भेजकर भी अवगत कराया। मगर अब तक हमारी समस्या का समाधान नहीं हुआ। जिसके चलते आज राजकीय प्राथमिक विद्यालय के सामने तालाब को बुरी तरह से कुछ लोगों के आट लिए जाने से सड़कें और हमारे घर तालाब में तब्दील हो जाते हैं। मगर संबंधित विभाग के अधिकारी मौन बैठे हुए हैं। आपको बता दें कि इस समय हाईकोर्ट के आदेश के चलते लक्सर तहसील के बहादरपुर खादर में भी कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए ग्राम समाज की भूमि में बने तालाब से लक्सर तहसील प्रशासन द्वारा तालाब पर बने मकानों को ध्वस्त कर दिया है और कई गांव में भी तालाब पर बने मकानों पर भी जाच कर निशान लगाए गए हैं। और जल्द ही तालाबों पर किए गए अवैध निर्माण को भी हटाया जाएगा। वही ग्रामीणो का कहना है कि लक्सर तहसील प्रशासन इस ओर ध्यान नही दे रहा है।
तीन चार दिन पहले भारी बरसात के चलते घरों में पानी भर गया था। और सड़के तालाब में तब्दील हो गई थी। तो कुछ लोगों ने दो महीने पहले बनी स्कूल की दीवार को तोड़कर पानी का रास्ता बना स्कूल के तालाब में खोल दिया। और स्कूल का ताला भी तोड़ दिया गया। जिस पर स्कूल के स्टाफ मे भी ग्रामीणों के प्रति भारी आक्रोश है। मगर संबंधित विभाग के अधिकारी मोहन बने बैठे हैं।
तीन चार दिन पहले भारी बरसात के चलते घरों में पानी भर गया था। और सड़के तालाब में तब्दील हो गई थी। तो कुछ लोगों ने दो महीने पहले बनी स्कूल की दीवार को तोड़कर पानी का रास्ता बना स्कूल के तालाब में खोल दिया। और स्कूल का ताला भी तोड़ दिया गया। जिस पर स्कूल के स्टाफ मे भी ग्रामीणों के प्रति भारी आक्रोश है। मगर संबंधित विभाग के अधिकारी मोहन बने बैठे हैं।



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