HARIDWAR KI GUNJ
(गगन शर्मा) हरिद्वार। पथरी में बारिश होने से किसानों ने राहत की सास ली है काफी दिनों से पथरी छेत्र में बारिश नही हो रही थी किसान हो रहे थे मायूस आपको बतादे की किसान अपनी फसलो को लेकर बारिस का बेशबरी से इन्तेजार कर रहे थे क्योंकि फसलो में पानी दे देकर थक गए थे उन्हें आसमानी बारिस को लेकर बेसबरी इन्तेजार था आज बारिश को देखकर किसान झूम उठे किसान यामीन, कालू नेता, फय्याज, ग़ालिबप्रधान, सुरेश, राकेश, ताजुल, महेश कुमार आदि का कहना है कि हम लोग बिना बारिस के फसल को लेकर टूट चुके थे फसलो में गन्ना व धान की फसल पूरी तरह सूखने लगी थी जिससे किसान टूट गए थे क्योंकि खून पसीने से तैयार की हुई फसल सूखती नजर आ रही थी जिससे किसानों में मायूसी छाई हुई थी फसलो को भी बारिस की जरूरत होती है क्योंकि टूवैल के पानी से फसल अच्छी नही होती फसल को जब ऊपरी पानी मिलता है तभी फसल खिल उठती है आम ग्रामीणों ने भी बारिस होने से राहत की सास ली है
(गगन शर्मा) हरिद्वार। पथरी में बारिश होने से किसानों ने राहत की सास ली है काफी दिनों से पथरी छेत्र में बारिश नही हो रही थी किसान हो रहे थे मायूस आपको बतादे की किसान अपनी फसलो को लेकर बारिस का बेशबरी से इन्तेजार कर रहे थे क्योंकि फसलो में पानी दे देकर थक गए थे उन्हें आसमानी बारिस को लेकर बेसबरी इन्तेजार था आज बारिश को देखकर किसान झूम उठे किसान यामीन, कालू नेता, फय्याज, ग़ालिबप्रधान, सुरेश, राकेश, ताजुल, महेश कुमार आदि का कहना है कि हम लोग बिना बारिस के फसल को लेकर टूट चुके थे फसलो में गन्ना व धान की फसल पूरी तरह सूखने लगी थी जिससे किसान टूट गए थे क्योंकि खून पसीने से तैयार की हुई फसल सूखती नजर आ रही थी जिससे किसानों में मायूसी छाई हुई थी फसलो को भी बारिस की जरूरत होती है क्योंकि टूवैल के पानी से फसल अच्छी नही होती फसल को जब ऊपरी पानी मिलता है तभी फसल खिल उठती है आम ग्रामीणों ने भी बारिस होने से राहत की सास ली है



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