हरिद्वार की गूंज (24*7)

(गगन शर्मा) हरिद्वार। उत्तराखंड विद्युत कर्मचारी अधिकारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के द्वारा चलाए जा रहे जन जागरण कार्यक्रम के अंतर्गत हरिद्वार में ऊर्जा निगमों के अधिकारी कर्मचारी संविदा कर्मचारी एवं स्वतः मदद के कर्मचारियों की एक विशाल सभा का आयोजन हुवा। यह आयोजन विद्युत वितरण खण्ड ज्वालापुर कार्यालय में किया गया। सभा में विशाल संख्या में कार्मिकों द्वारा प्रतिभाग किया गया। सभा की अध्यक्षता अश्वनी कुमार एवं संचालन सन्नी गोस्वामी के द्वारा किया गया। सर्वप्रथम सदस्यों को मोर्चा के द्वारा 27 जुलाई 2021 को की गई विद्युत कार्मिकों की विशाल हड़ताल एवं उसके बाद सरकार से हुए समझौते की जानकारी दी गई। सदस्यों ने इस बात पर संतोष जाहिर किया कि मोर्चा द्वारा 27 जुलाई को की गई ऐतिहासिक हड़ताल पूर्णता सफल रही है, एवं ऊर्जा निगम के कार्मिकों ने असाधारण एकता का परिचय देते हुए अपने आंदोलन में प्रतिभाग किया। सरकार की ओर से ऊर्जा मंत्री हरक सिंह रावत द्वारा कार्मिकों को आश्वस्त दिया गया कि उनकी सभी मांगों पर एक माह के अंदर आदेश जारी कर दिए जाएंगे। सरकार के सकारात्मक रुक को देखते हुए ऊर्जा कार्मिकों ने अपनी हड़ताल को स्थगित कर दिया। परंतु शासन एवम निगम प्रबंधन द्वारा उपरोक्त समझोते का क्रियान्वयन नहीं किया गया। जिस कारण मोर्चा को पुनः आंदोलन एवम् हड़ताल के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। इसी क्रम में मोर्चा द्वारा लगातार अपने सदस्यों के बीच में जाकर प्रदेश के विभिन्न जनपदों एवं मंडलों में जन जागरण अभियान चलाया जा रहा है एवम शाम 5 बजे से सुबह 10 भी तक अपने सरकारी मोबाइल बंद कर शासन की वादाखिलाफी के विरोध में अपना आक्रोश प्रदर्शित कर रहे हैं। बैठक में वक्ताओं द्वारा सरकार से आग्रह किया गाय कि सरकार को जल्दी ही अपने वादे को पूरा करना चाहिए और समझौते के क्रियान्वन के सापेक्ष आदेश में चाहिए जिससे सरकार एवं कार्मिकों के मध्य परस्पर विश्वास की स्थिति कायम हो सके। 

संयुक्त मोर्चा की प्रमुख मांगे इस प्रकार हैं

ऊर्जा निगम के कार्मिकों को छठे वेतनमान में मिलने वाली एसीपी की पुरानी 9,5,5 व्यवस्था यथावत दी जाए। उपनल के माध्यम से कार्य कार्योजित कार्मिकों के नियमितीकरण एवं समान कार्य हेतु समान वेतन को लेकर लगातार शासन प्रशासन से वार्ता कर रहे हैं व वर्ष 2017 में ऊर्जा निगम के कार्मिक आंदोलनरत थे तब 22 दिसंबर 2017 को कार्मिकों के संगठनों तथा सरकार के बीच द्विपक्षीय समझौता हुआ परंतु आज तक उस समझौते पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। ऊर्जा निगम के कार्मिक इस बात से क्षुब्ध हैं कि सातवें वेतन आयोग में उनकी पुरानी चली आ रही 9-5-5 की एसीपी व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है, जो कि उन्हें उत्तर प्रदेश के समय से ही मिल रही थी। यही नहीं पे मैट्रिक्स में भी काफी छेड़खानी की गई। सभाओं में वक्ताओं ने घोर आक्रोश प्रकट किया कि लगातार कई वर्ष से संघर्ष करने के बाद भी कर्मचारियों की 9 वर्ष, 14 वर्ष, 19 वर्ष की एसीपी की व्यवस्था पर कोई आदेश जारी नहीं हुए। संविदा कार्मिकों को समान कार्य समान वेतन के विषय में कोई कार्यवाही नहीं हुई| इसके अतिरिक्त ऊर्जा निगमों में इंसेंटिव एलाउंसेस का रिवीजन नही किया जिस कारण ऊर्जा निगम के कार्मिकों को मजबूर होकर दिनांक 27 जुलाई 2021 को हड़ताल के लिए बाध्य होना पड़ा। यदि सरकार एवं निगम प्रबंधन कार्मिकों की जायज मांगों पर पूर्व में ही सकारात्मक कार्यवाही करता तो हड़ताल की स्तिथि नहीं बनती और जनता को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। यदि अभी भी सरकार द्वारा समझोते का क्रियान्वयन करते हुए आदेश जारी नही किए गए तो 06 अक्टूबर से पुनः हड़ताल के लिए बाध्य होना पड़ेगा। सभा में मोर्चा द्वारा सरकार से अपील की गई कि सरकार शीघ्र की कर्मी को की न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक कार्यवाही करते हुए आदेश निर्गत करें जिससे कि सरकार एवं कार्मिकों के बीच परस्पर विश्वास का माहौल बना रहे और किसी भी प्रकार की औद्योगिक अशांति पैदा ना हो। सभा के अंत में कर्मचारियों द्वारा संकल्प लिया गया जब तक  समस्याओं का समाधान नहीं होगा तब तक वह अपनी आवाज उठाते रहेंगे। कार्यक्रम में इंजीनियर अरविंद कुमार, संदीप शर्मा, सन्नी गोस्वामी, अनुज जूड़ीवाल, कमल सिंह, नीरज कुमार, हयाद सिंह बोरा, शालिनी चौहान, प्रियंका, आलोक चौहान आदि ने अपने विचार रखे।

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