हरिद्वार की गूंज (24*7)

(रजत चौहान) हरिद्वार। देवोत्थान सेवा समिति (पंजी) के तत्वावधान में पितृपक्ष में होने वाली ऐतिहासिक 20वीं अस्थि कलश विसर्जन यात्रा को संपन्न कर समिति के सैकड़ों कार्यकर्ता वापस दिल्ली लौटे, तो वही टीम के कुछ सदस्य पितृपक्ष समापन तक हरिद्वार में रुककर विसर्जित अस्थि कलशो की आत्मा की शांति हेतु 06 अक्टूबर 2021 (बुधवार) तक प्रतिदिन यज्ञ, हवन, श्राद्ध तर्पण और नारायणबलि, साधु सेवा आदि के आयोजन को करेंगे। इस बार यात्रा में 9216 अस्थि कलशो को कनखल के सतीघाट हरिद्वार में 100 किलो दूध की धारा के साथ विसर्जित किया गया है। सभी पितृों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए प्रांत प्रमुख पं. राजीव तुम्बडिया, उपप्रांत प्रमुख उमेश कौशिक, प्रांत मंत्री टीना शर्मा सहित गंगा सभा (पंजी) हरिद्वार, पुण्यदायी अभियान समिति सहित उपस्थित दर्जनों संगठनों ने समिति के राष्ट्रीय महामंत्री एवं यात्रा संयोजक विजय शर्मा को कलयुग के भागीरथ की उपाधि से सम्मानित किया, लेकिन शर्मा ने वही गंगा के तट से घोषणा की, इस उपाधि के असली हकदार समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मानव जाति के अंतिम कर्म को साकार करने वाले दिव्य पुरुष श्री अनिल नरेन्द्र जी है, जिनके मार्गदर्शन में समिति ने 20 वर्षों में 1,50,901 (एक लाख पचास हजार नौ सौ एक) अस्थि कलशो का विसर्जन पिछले बीस वर्षों में इसी गंगा मां के पावन तट सतीघाट पर आकर वैदिक रीति से किया है। शर्मा ने कहा कि भारत सरकार को ऐसे महान कार्य को करने वाले अनिल नरेन्द्र को पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस प्रकार के सम्मान स्वयं उस व्यक्ति से फार्म भरवाकर करने की प्रक्रिया को समाप्त करके एक विभाग का गठन करना चाहिए, जो मानव कल्याण के कार्यों को जमीनी स्तर पर करके मानव जाति का कल्याण करता हो। शर्मा ने कहा की देश में आई कोरोना की दूसरी लहर के भयावह व मार्मिक मंजर के समय अनिल नरेन्द्र के अस्थि सग्रहण के आदेश के बाद इस इन सभी हुतात्माओ को मोक्ष कराया जा सका है। दिल्ली एनसीआर के वे सभी परिवार निश्चिंत रहें, उनके परिजनों के रखे अस्थि कलशो को ससम्मान हमारी टीम ने अपना मानकर उन्हें मोक्ष प्रदान करवाया है।इस अवसर पर गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, पूर्व सभासद अनिता शर्मा, विशाल गर्ग पुण्यदायी अभियान सेवा समिति के रविन्द्र गोयल, सतेन्द्र चौधरी, डा. चन्द्रधर काला, जानकी प्रसाद, यशपाल विजन, सहित पं. जितेन्द्र शास्त्री ने मंत्रौच्चारण के साथ श्रद्धा भाव से विसर्जन करवाया।

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