हरिद्वार की गूंज (24*7)

(अविनाश गुप्ता) हरिद्वार। आज एक बार फिर सिस्टम की लापरवाही के सामने गरीब मां बाप ने अपना बच्चा खो दिया मामला इस प्रकार है कि ग्राम सराय के रहने वाले युवक मोहसीन की पत्नी के सरकारी अस्पताल ज्वालापुर मे बच्चा पैदा हुआ ज्वालापुर अस्पताल की चिकित्सा ने बच्चे के पिता को कहाँ की बच्चा बहुत ही कमजोर मशीन मे रखना पडेगा जब बच्चे की जान बच सकती है, हमारे चिकित्सालय मे सुविधाओं का अभाव है, आप जल्द से जल्द बच्चे को महिला अस्पताल हरिद्वार मे ले जाये वहाँ सुविधा है, बच्चे का पिता बच्चे को जल्द से जल्द महिला अस्पताल मे पहुंचा वहाँ के स्टाप से बात की बच्चे की हालत खराब देखकर तुरंत वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ से स्टाप ने फोन पर बात की और बच्चे की स्थिति से अवगत कराया लेकिन बडे चिकित्सक का दिल नही पसीजा और अस्पताल मे मशीन खाली ना होने का बहाना बनाया जबकि मशीन खाली थी, बच्चे की खराब स्थिति देखकर पिता के हाथ पांव फूल रहे थे, आनन फानन मे गरीब पिता अपने घर के चिराग को बचाने के लिए जौली गर्नाट चल पडा लेकिन हरिद्वार पार करते ही बच्चे की सांसे रूक गयी यदि महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ बच्चे को समय रहते देख लेते कुछ कोशिश करते तो हो सकता था बच्चा बच जाता गरीब के घर मे उस बच्चे से उजाला हो जाता लेकिन सिस्टम की लापरवाही व अपनी गरीबी के सामने गरीब बाप हार गया, आखिर गलती किसकी है, सिस्टम की गरीब बाप की या अस्पताल के चिकित्सक की।

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