हरिद्वार की गूंज (24*7)
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(अविनाश गुप्ता) हरिद्वार। खबर हरिद्वार से जहां वरिष्ठ पत्रकार व सीपीयू उपनिरीक्षक का मामला तूल पकड़ गया है। मामला इतना बढ़ गया था कि दोनों ने एक दूसरे के ऊपर हरिद्वार कोतवाली में मुकदमा दर्ज करवाया था, जिसको देखते हुए पत्रकारों में रोष उत्पन्न हो रहा है। ओर अगर वरिष्ठ पत्रकार वेद प्रकाश पर मुकदमा वापस नही लिया गया तो पत्रकार सड़को पर उतर कर आंदोलन करेंगे। वरिष्ठ पत्रकार वेद प्रकाश चौहान पर सीपीयू के उप निरीक्षक दिनेश पंवार द्वारा झूठा मुकदमा दर्ज कराए जाने पर पत्रकारों में रोष है, जिसको लेकर आज पत्रकारों की यूनियन एनयूजे आई के जिलाध्यक्ष बालकृष्ण शास्त्री द्वारा मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, मुख्य सलाहकार मुख्यमंत्री शत्रुघन सिंह, डीजीपी अशोक कुमार एवं एसएसपी हरिद्वार को पत्र लिखकर मुकदमे वापस लिए जाने की मांग की गई है। मुकदमा वापस ना होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है। दरअसल 23 मई को वरिष्ठ पत्रकार कोरोना कर्फ्यू के दौरान अपने कार्यालय में पत्रकारिता संबंधित कार्य कर रहे थे, तभी वहां पर सीपीयू के उप निरीक्षक दिनेश पवार सिपाहियों के साथ वहां पहुंचते हैं और वेद प्रकाश चौहान के साथ अभद्रता करने लगते है, उन्होंने बताया कि यह उनका पत्रकारिता का कार्यालय है जो कोविड-19 के दौरान भी खोला जा सकता है लेकिन पहले से ही वेद प्रकाश चौहान से रंजिश रखने वाले दरोगा जी ने मौके का फायदा उठाते हुए अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पुलिस की हनक में उनके खिलाफ शहर कोतवाली में झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया है, बतादे कि वेद प्रकाश चौह द्वारा कुछ दिन पहले उक्त दरोगा की आरटीआई के माध्यम से कुछ सूचना मांगी थी तभी से ही दरोगा जी उनसे पर्सनल रंजिश रखते हैं जो कोविड-19 में उन्होंने उन पर झूठा मुकदमा दर्ज करके निकाली है, जिसके बाद पत्रकारों में रोष है। वेद प्रकाश चौहान का पुत्र संजय चौहान जो पंजाब केसरी का पत्रकार है और एनयूजे यूनियन का सदस्य है संजय चौहान द्वारा जिला अध्यक्ष बालकृष्ण शास्त्री को पूरे मामले से अवगत कराया गया जिसके बाद आज जिलाध्यक्ष द्वारा पत्र लिखकर झूठे मुकदमे को वापस लिए जाने की मांग की गई है, मांग ना माने जाने पर प्रदेश भर में आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।
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