हरिद्वार की गूंज (24*7)

(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। उपनगरी ज्वालापुर के समस्त क्षेत्रो में लगातार नशे का अवैध कारोबार जारी है। अवैध शराब, नशे के इंजेक्शन, स्मैक आदि का काम बखूबी शासन प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा है। कस्साबान, पीठबाजार, मैदानियान, वाल्मिकी बस्ती, अहबाबनगर, पांवधोई आदि मौहल्लो में लगातार अवैध शराब व स्मैक, इंजेक्शन का धन्धा बड़े पैमाने पर है। और शासन प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से मुँह फेर रहा है। कमाल की बात है, कि शासन प्रशासन किसी भी प्रकार की कार्यवाही नही कर रहा है। यदि कोई आदमी शासन प्रशासन को अवैध कारोबार की सूचना देता है, जब शासन प्रशासन के लोग छापा मारी की तैयारी करते है। जिस स्थान पर जाना हो वहाँ पहले से खबर पहुँच जाती है। जब शासन प्रशासन के लोग वहाँ पहुँचते है, तो वहाँ कुछ भी नही मिलता है। इससे यह बात साबित हो जाती है, कि नशे के अवैध कारोबार के धन्धे मेें शासन प्रशासन के कुछ लोगो के लिप्त होने की आशंका जाहिर होती है। शासन प्रशासन के आलाधिकारियों को खुफिया तन्त्र से जाँच कराकर ऐसे लोगो, कर्मियों के खिलाफ कड़़ी से कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए। क्योंंकि नशे के अवैध कारोबार के धन्धे से जिसमें शराब, नशे के इंजेक्शन, स्मैक आदि से आने वाले भारत का भविष्य खतरे मेें पड़ रहा है। गली गली मोहल्लो में छोटे छोटे बच्चें आपको यह बता देंगे कि शराब और नशे के इंजेक्शन कहाँ मिल रहे है। क्या यही है, भारत का विकास, क्या यही सबका साथ, कोई बता सकता है, कि आज हमारा देश नशे में कहाँ पहुँच गया है। कितने बडे़ रूप मेें भारत में नशे का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है, आखिर कब तक जन समुदाय को इस तरह के हालातों का सामना करना पड़ेगा। नशे के अवैध कारोबार करने वाले लोगो के अन्दर से शासन प्रशासन का डर निकल गया है। शायद इसलिए की शासन प्रशासन  का झुकाव गलत काम करने वालो की तरफ है। यही कारण है, कि आज हमारे देश में अवैध नशे के कारोबारी बड़े ही बेखौफ होकर नशे के अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे है। शासन प्रशासन का डर इनके दिलो से निकल चुका है। शासन प्रशासन के बड़े अधिकारियों से अपील है कि लगातार बढ़ रही नशे की अवैध सामग्रियों पर और इस कारोबार को करने वाले लोगो पर सख्त कार्यवाही करें। ताकि भारत के युवाओं का भविष्य सुरक्षित रहे। जिसमेें आपके बच्चे भी हो सकते है। नशे के खिलाफ लगातार आवाज बुलंद करने वाले नवाब भारती समाजसेवी नशा विरोधी कार्यकर्ता एवं एडवोकेट अब्दुल सत्तार सूचनाधिकार सामाजिक कार्यकर्ता ने समाचार पत्र को बताया कि इतने प्रयास के बाद भी समाज के लोगो के अंदर नशा कारोबारियो को लेकर भय है कि नशे का विरोध करने पर नशा कारोबारी जानी व माली हानि पहुंचा सकते है। इसलिए समाज के लोग आवाज उठाते हुए डरते है। लेकिन हम आम समाज से कहना चाहते है कि इंसान की मृत्यु का समय तय होता है, कहाँ आनी है कब आनी है किस तरह आनी है, क्योंकि मौत निश्चित आयेगी। मौत से डरने की जरूरत नही है। बुराई के खिलाफ आवाज बुलंद करना जरूरी है। अगर आवाज बुलंद नही की गयी तो आने वाली पीढ़ी नशे के कारण तबाही के रास्ते पर होगी। ये वो रास्ता होगा जिस पर से वापसी नामुमकिन होगी। इसलिए आम समाज से बार बार अपील करते है कि जागो नशे के खिलाफ अपने बच्चों और युवा पीढ़ी को बर्बादी पर जाने से बचाओ, नशे के खिलाफ आवाज उठाये, आसपास बिक रहे नशे का विरोध करे। आपकी आवाज देश की युवा पीढ़ी का भविष्य उज्जवल कर सकती है। आम समाज नशे के खिलाफ जागरूक हो समय रहते जागरूक नही हुए तो हो सकता है, हमारी लापरवाही एक दिन पंजाब जैसे हालात हमारे सामने हो।

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