हरिद्वार की गूंज (24*7)

(गगन शर्मा) हरिद्वार। पिछले कई वर्षों से हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के किसान जंगली जानवरों से पीड़ित थे। जिसके कारण काफी किसानों ने खेती में नुकसान के चलते खेती करना ही छोड़ दिया था। मिस्सरपुर गांव के किसानों ने खेती छोड़कर उसमे प्लाटिंग शुरू करने को विवश हो गए थे। अब इस क्षेत्र के किसानों के लिये राहत की खबर ये है कि जगजीतपुर मात्र सदन से लेकर बिसनपुर तक पत्थर की दीवार प्रस्तावित है। जिसके अंतर्गत वन विभाग के द्वारा बाउंड्री वॉल और सोलर फेंसिंग का कार्य कार्य प्रारम्भ हो चुका है। इस अवसर पर डीएफओ नीरज शर्मा ने किसानो को बताया कि सोलर फेंसिंग का कार्य बिशनपुर से भोगपुर तक सोलर फेंसिंग का कार्य हो रहा है। कटारपुर ग्राम प्रधान ने डीएफओ हरिद्वार से एक इन्वर्टर और पर्याप्त मात्रा की बैट्री बढ़ाने को कहा। डीएफओ ने जंगली दीवार बनाते समय आने वाली खामियों के विषय में किसानों से चर्चा की चर्चा की। उन्होंने बताया कि पोल पर जो तार को बांधा गया है जंगली जानवर के आने से वह टूट जाता है उसमें कुछ बदलाव की आवश्यकता है। ऐसी कमियों को समय रहते सुधारने का किसानो और ग्रामीणों को आश्वासन दिया।

इस सोलर फेंसिंग की देखरेख और सुरक्षा के लिये गांवों में एक टीम भी गठित होने की बात की। इस सोलर फेंसिंग और दीवार के निर्माण से 20 से ज्यादा गांवों के किसानो को उनकी फसलों को जंगली जानवरों से राहत मिलने की उम्मीद है। बिसनपुर से आगे बाउंड्री वाल और सोलर फेंसिंग के लिये उत्तराखंड सरकार से बजट उपलब्ध कराने के लिये हरिद्वार वन विभाग ने भरोसा जताया। वन विभाग से दिनेश नोटियाल ने कहा किसानों को कहा कि किसी भी तरह की असुविधा के लिये किसान उन्हें कॉल कर सकते हैं। उनका वन विभाग किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से बचाने में हर सम्भव प्रयास करेगा। इस अवसर पर किसानों में लक्ष्मण सिंह, महेंद्र सिंह, जगदीश, नकली सिंह,  पवन, कटारपुर ग्राम प्रधान नूतन कुमार, इसरार, तेलूराम, मोबिन, अकरम, टिंकू आदि के अलावा वन विभाग से नवल पाठक और गजेंद्र सिंह उपस्थित रहे।

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