हरिद्वार की गूंज (24*7)
 |
|
(गगन शर्मा) हरिद्वार। कोरोना महामारी से बचने के लिये बड़े बड़े देशो ने मास्क और 2 गज की दूरी को उत्तम हथियार बताया है। फिर जनता क्यो पुलिस को देखकर ही मास्क, रुमाल, कपड़े से मुँह ढकने का प्रयास करती हैं? सिर्फ चालान से बचने के लिये! दुकानदार हो, डॉक्टर हो, कोई अन्य व्यवसाय/कार्य से सम्बंधित हर किसी को स्वयं की सुरक्षा हेतु मास्क लगाना चाहिए। भले ही आप स्वस्थ हो मगर अचानक दुकानदार, ग्राहक या भीड़ में किसी ने छींक दिया और वो कोरोना या अन्य बीमारी से पीड़ित हैं तो ऐसे में मास्क और दो गज की दूरी ही आपकी संक्रमण से रक्षा करेगी। एक बार आप संक्रमित हो गए तो कोरोना का रायता कैसे फैलता है ये उनसे पूछो जिन्होंने इस कोरोना महामारी में अपने प्रियजन को खोया है। इसलिये बजाय शक्तिमान बनने के बजाय स्वयं और अपने घर के प्रियजनों की रक्षा के लिये दो गज दूरी और मास्क लगाने में लाभ ही लाभ है। इसके लिये दूसरे को टोकना भी बहुत जरूरी है। आजकल बड़े बड़े नेता और लोग इसलिए कोरोना की चपेट में आ रहे हैं क्योकि वो फोटो खिंचवाने के लिये मास्क उतारकर दो गज की दूरी जरूरी नही समझते हैं। हरिद्वार कोतवाली अंतर्गत हर की पौड़ी चौकी के उप निरीक्षक राजेन्द्र शाह बताते हैं कि कैसे जनता मास्क को कभी ठोढ़ी पर तो कभी नाक के नीचे लगाते हैं। ऐसे मास्क का क्या लाभ यदि आपके पास वाला कोई खांस दे, छींक दे और वो मास्क आपके नाक को न ढकता हो। इसलिए भीड़ भाड़ वाले बाजार, शादी, राजनीतिक संघटन आदि जाना पड़े तो दूसरों की परवाह करने से पहले स्वयं समझदार बने। राजनेताओं को संक्रमण होने का खतरा इसलिए ज्यादा रहता है कि उनके संग फोटो खिंचवाने की एक दूसरे में होड़ लगी रहती है। दो गज की दूरी का पालन कराना उन नेताओं के अंगरक्षकों को सम्भव नही हो पाता। हाल ही में भाजपा के केंद्रीय अध्यक्ष नड्डा का संक्रमित होने का ये भी बड़ा कारण हो सकता है। गर्म पानी, गर्म भाँप का सेवन भी अति उत्तम माना गया हैं। कहावत है कि हाथी निकल गया, पूंछ रह गयी। अर्थात कोरोना अभी खत्म नही हुवा, अभी सावधानी जरूरी है।
Post A Comment:
0 comments so far,add yours