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(रजत चौहान) देहरादून। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत इन दिनों अजीब सी उलझन के शिकार हो गए हैं। उन्हें हारों (पराजय) का हार पहनने की चिंता सता रही है। भगत ने कहा कि कभी विपक्ष को लोकतंत्र का कहा सिखाने वाले रावत अब विधायको के बिखराव और टूट को लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत बता रहे है। हरीश रावत के बयान पर पलटवार करते हुए भगत ने  कहा कि श्री रावत परस्थितियों को अपने हिसाब से परिभाषित करने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष पार्टी की रणनीति का हिस्सा रावत को नही बना रहे है और रावत की हालात खिसियानी बिल्ली खम्बा नोचे जैसी हो गयी है। रावत की बेचैनी को इससे भी समझा जा सकता है की वह टूट के सूत्रधार नेता को भी शॉल ओढ़ाकर सम्मानित करने को तैयार है। भगत ने कहा कि हरीश रावत की मनमानी और तानाशाही के कारण प्रदेश में राजनैतिक अस्थिरता का वातावरण जनता ने देखा और इसका असर प्रदेश के विकास पर पड़ा है। रावत एक बार फिर प्रदेश में राजनैतिक अस्थिरता को हवा देने का जो दिवास्वप्न देख रहें हैं, वह पूरी तरह निराधार है। भगत ने कहा कि भाजपा एकजुट है और मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में विकास कार्यो की बदौलत पार्टी दोबारा सत्ता में आएगी। भाजपा में टूट का जो सपना कांग्रेस देख रही है वह कभी साकार नही हो पाएगा। बेहतर होगा कि अपने  अस्तित्व के लिए तरस रही कांग्रेस अपने बचे-खुचे कुनवे के बारे में सोचे और दूसरे घरो में ताक झांक करना बन्द करे।

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