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(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। जनकल्याण सेवा ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्वालापुर विधायक प्रतिनिधि और वरिष्ठ समाजसेवी प्रदीप चौधरी ने प्रधानमंत्री से चकबंदी पटवारी के साथ मिली भगत कर करोड़ों की भूमि हजम करने वाले कानूनगो और प्रधान की जांच कर कार्यवाई की मांग की है। प्रदीप चौधरी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को शिकायती पत्र प्रेषित करते हुए बताया कि क्षेत्र के सुमननगर, सलेमपुर, पुरणपूर साल्हापुर और रोशनाबाद में सिचाई विभाग, तहसील व चकबन्दी विभाग के कुछ कर्मचारियों द्वारा भू-माफियाओं के साथ सांठगांठ कर सरकारी जमीनों का फर्जी आंवटन कर और राजस्व अभिलेखों में फेरबदल कर करोड़ों रुपयों की धांधलेबाजी की है। राज्य सरकार सहित जमीन खरीदने वाले ग्राहकों के साथ धेखाधड़ी कर करोड़ो रुपये का चूना लगाया जा रहा है। और इस फर्जीवाडे़ में राजस्व विभाग का एक लेखपाल भी शामिल है। जो राजस्व विभाग में दर्ज सरकारी भूमि को प्राईवेट व्यक्ति के पक्ष में चढ़ाकर अपनी तिजोरी भरने में लगें है। पत्र में बताया कि सुमननगर में लगभग 250 भूखण्ड है। जो कि लगभग 12-12 बीघे के है। उनको बिना अनुमति के अनुसूचित जाति से सीधे सामान्य जाति में रजिस्ट्री और दाखिल खारिज करके इन लोगों ने राजस्व की हानि व धोखाधड़ी की है।
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जिसमें मुख्यतः भूखण्ड सं. 424, 425, 426, 427, 428, 429, 430, 431, 432, 433, 434, 435 है। जिसमें सुमननगर में बंधा नं 1 से 8 तक मुख्य सडक से लगी ग्राम समाज की नोनजेडए (रिर्जव बैंक) को सिंचाई विभाग की भूमि को फर्जी आंवटन करते हुए तहसील अभिलेखों में परिवर्तन कर धोखाधड़ी करते हुए बेच दिया गया है। जिसमें राज्य सरकार द्वारा छोड़ी गयी पुलिस चौकी की भूमि भी मुख्य रूप से शमिल है। यहां चल रहे गौरखधंधों का आलम यह है। कि भूमि के दस्तावेजों में आवंटन बाद में होता है। और रजिस्ट्री पहले करा दी जाती है। जिसमें दस्तावेजों में भूखण्ड संख्या व खसरा नम्बर भी भिन्न-भिन्न पाये गये है। जिसकी जांच कराने पर फर्जीवाड़ा खुलकर सामने आ जायेगा। प्रदीप चैधरी ने बताया कि सुमननगर में बंधा नं. 4 व 5 के बीच सरकारी बंधा भी गायब कर फर्जी दस्तावेजों द्वारा बेच दिया गया हैं। उन्होंने बताया कि लगभग सभी सरकारी बंद आवागमन के लिए ग्राम सभा में थे, वे सभी सिंचाई विभाग के फर्जी आवंटन के द्वारा तहसील कर्मियों के साज से बेच दिये गये है। ग्राम पुरणपूर साल्हापुर में चकबन्दी पटवारी प्रधान, तहसील पटवारी व कानूनगो द्वारा एक सरकारी तालाब (जोहड) जिसमें गुरु रविदास ने गुरुनानक के साथ कथा प्रसंग की थी। और इस कारण उसे दो एकड (12 बीघे) छोड़ा गया था। जो बाद में सरकार द्वारा सिंचाई तालाब के रूप में परिवर्तित कर दिया गया था। उसको पहले 12 बीघे कर फिर 8 बीघे से 4 बीघे कर बिना अनुमति फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्रोपर्टी डीलर सलेमपुर आदि द्वारा बेच दिया गया। जिससे स्थानीय लोगों में भी रोष व्याप्त है। प्रदीप चौधरी ने बताया कि चकबंदी पटवारी द्वारा ग्राम सलेमपुर पुरणपूर साल्हापुर, सलेमपुर, दादूपुर, दौलतपुर इमलीखेड़ा आदि गांवों को जो कि हरिद्वार से रुड़की तक आते है। ग्राम समाज की हजारों बीघे जमीन सिंचाई विभाग, तहसील विभाग व चकबन्दी की सांठगांठ से बेचकर करोड़ो रुपयों की हेरापफेरी की है। पटवारी पहले भी धोखाधड़ी 420, 471 आईपीसी में जेल जाकर सस्पेंड भी हुआ है। परन्तु नीचे से ऊपर तक सांठगांठ कर पुनः चकबंदी कार्यालय में कार्य कर निरन्तर धोखाधड़ी व फर्जीवाडा कर रहा है। ग्राम रोशनाबाद में टिहरी विस्थापित कालोनी व सलेमपुर महदूद- प्रथम आन्नेकी हेतमपुर की ग्राम समाज में भी सिंचाई विभाग के फर्जी आवंटन कर ग्राम समाज को तहसील विभाग के साथ सांठगांठ कर फर्जीवाडा कर करोड़ों रुपयों का घपला किया गया। प्रदीप चौधरी ने बताया कि ट्रस्ट व अन्य ग्रामवासियों के द्वारा उच्चाधिकारियों को भी इस फर्जीवाड़े की शिकायत की गई। लेकिन आज तक किसी के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है।



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