हरिद्वार की गूंज (24*7)

(रजत चौहान) देहरादून। उत्तराखंड राज्य के निर्माण में संकल्प विभूतियों की स्वर्गीय इन्द्रमणि बडोनी व स्वर्गीय जसवंत सिंह बिष्ट की प्रतिभा विधानसभा में स्थापित किये जाने की मांग उत्तराखंड क्रांति दल ने की और इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा गया और उन्होंने इस दिशा में उचित कार्यवाही करने का भरोसा दिया। इस अवसर पर जानकारी देते हुए दल के केंद्रीय प्रवक्ता सुनील ध्यानी ने बताया कि उत्तराखंड राज्य का निर्माण का संकल्प उत्तराखंड क्रान्ति दल के स्थापना 24 व 25 जुलाई 1979 से राजनैतिक मुद्दा बनकर आया। उत्तराखंड राज्य आंदोलन जो अहिंसक व गांधीवादी तरीके से चला, जिसकी अगुवाही गांधीवादी विचारक व जिन्हें पहाड़ का गांघी कहा गया स्वर्गीय इंद्रमणि बड़ोनी के नेतृत्व में आगे बढ़ा। वही उक्रांद के स्थापना के बाद सन 1980 विधान सभा चुनाव में दल के प्रथम विधायक स्वर्गीय जसवंत सिंह बिष्ट  रानीखेत विधान सभा सीट से जीतकर उत्तर प्रदेश की विधान सभा मे पहुँचे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की विधानसभा में पृथक उत्तराखंड राज्य का संकल्प प्रस्ताव सदन में रखने वाले स्वर्गीय जसवंत सिंह बिष्ट द्वारा रखा गया था। स्वर्गीय बिष्ट  का पृथक राज्य का संकल्प लंबे संघर्षों और जनआंदोलन में तब्दील होकर 9 नवम्बर 2000 को उत्तराखंड राज्य अपने अस्तित्व में आया। इसलिए दल एक सूत्रीय  मांग करता है कि उत्तराखंड विधानसभा में उत्तराखंड राज्य आंदोलन के प्रणेता, पहाड़ के गांधी स्वर्गीय इंद्रमणि बड़ोनी व उत्तर प्रदेश की विधानसभा सदन में पृथक उत्तराखंड राज्य का संकल्प प्रस्ताव रखने वाले पूर्व विधायक स्वर्गीय जसवंत सिंह बिष्ट जी की प्रतिमा स्थापित की जाय। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल को ज्ञापन देने वालों में महानगर अध्यक्ष सुनील ध्यानी, लताफत हुसैन, शिव प्रसाद सेमवाल, किरन रावत कश्यप, अमित मिश्रा आदि कार्यकर्ता शामिल थे।

Share To:

Post A Comment:

0 comments so far,add yours