हरिद्वार की गूंज (24*7)

(गगन शर्मा) हरिद्वार। मौजूदा कोरोना महामारी व आपसी सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कामरेड स्व० बी०पी ओझा को श्रद्धांजलि देने हेतु यूनियन कार्यालय पर सामाजिक दूरी का ध्यान रखते हुए श्रद्धांजलि कार्यक्रम रखा गया। यूनियन के पदाधिकारी एम०पी सिंह ने बताया कि कामरेड ओझा बहुमुखी प्रतिभा के धनी, आदर्श व्यक्तित्व के ईमानदार पुरोधा थे। वह दलगत राजनीति से ऊपर उठकर मजदूर एवं कम्पनी दोनों के हितों के लिए संघर्ष करते रहे। उन्होंने मजदूरों के हक के लिए जीवन भर संघर्ष किया। उन्होंने पूरी ज़िंदगी सादगी एवं ईमानदारी के साथ बिताई। मजदूर एवं आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए सदैव तत्पर रहे। एम०पी सिंह ने बताया कि भेल के अन्य नेताओं को भी उनके आदर्शो कों अपनाना चाहिए क्योंकि कामरेड स्व० बी०पी ओझा श्रमिकों के सच्चे हितैषी थे। जिन्होंने श्रमिकों तथा समाज के दबे-कुचले वर्ग के लोगों की सेवा में अपना जीवन उत्सर्ग कर दिया था। बिछड़ा कुछ इस अदा से कि रुत ही बदल गई, इक शख़्स सारे शहर को वीरान कर गया। उन्होंने कहा कि बी०पी ओझा का लक्ष्य व सोच हर समाज प्रत्येक भेल कर्मचारी था, इसलिए श्रमिकों की व्यवस्था में भागीदारी के सिद्धातों को स्वीकार कर लेने के पश्चात् अब श्रमिक अपने संघर्ष को रोजी-रोटी की समस्या तक सीमित नहीं रख सकता। बल्कि देश की समृद्धि एवं विकास में उसका सक्रिय सहयोग आवश्यक है। श्रम-आंदोलन केवल उद्योगों तक सीमित नहीं रह सकता-असंगठित श्रमिकों को संगठित कर भूखमरी व बेरोजगारी को खत्म करने की तरफ जोरदार प्रयत्न पर जोर दिया। शोषणहीन समाज की स्थापना करने के उद्देश्य से, समाज के उन तत्वों का विकास होना जरूरी है। एच.एम.एस परिवार हरिद्वार ने उनके नीति व आदर्शों को प्रेरणास्पद बताते हुए उनकी जीवनी से प्रेरणा लेकर काम करने का आह्वान किया है। उनके अधूरे कार्यो व निज स्वार्थ त्याग वन बी०एच०ई०एल वन यूनियन हर कर्मचारी का एक करोड़ का बीमा व सेंट्रलाइज ट्रांसफर पॉलिसी को पूरा करने पर जोर दिया। आजकल के हालात में जब उच्च प्रबन्धन औऱ मजदूर संगठन के बीच वार्ता का स्तर निम्नतम सीमा में पहुँचने के कगार पर है जिसकी वजह से आपसी सहमति से तय हुई माँगों को भी लटकाया जा रहा है। हर बार नए बहाने बनाये जाते हैं। ऐसे में ओझा जैसे व्यकितत्व की मजदूरों को कमी महसूस होती है। उनके द्वारा छोड़े गए कार्यों को पूरा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उनके द्वारा दिया गया प्यार सदा उनकी यादों में जीवित रहेगा श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता एम.पी. सिंह ने की। श्रद्धासुमन अर्पित करने बालों में रानीपुर क्षेत्र के विधायक आदेश चौहान, वीरेंद्र चौहान, अशोक, अमरजीत, पंकज शर्मा, राजीव, सुबोध कुमार, जयदेव नेगी, आशुतोष, महीपाल, फिरोज, सचिन, गौरव, राकेश, बालेन्द्र आदि रहे। काफी पदाधिकारियों जैसे मनीष सिंह, प्रेम सिमरा, मुकेश धीमान, नरेश, राधेश्याम सिंह आदि ने कोरोना महामारी के चलते ओझाजी के आदर्शों को घर से ही याद किया।

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