हरिद्वार की गूंज (24*7)

(रजत चौहान) हरिद्वार। यू तो सरकारी विभाग की कार्यप्रणाली जग जाहिर है कि किस तरह से लचर रवैया अपनाते हुये निर्माण कार्य व उसके रखरखाव को अंजाम दिया जाता है इसकी बानगी अगर देखनी है तो धर्मनगरी के कई क्षेत्रों में देखने को मिलेगी, तो वही हरिद्वार लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली की पोल खोलते ये खस्ताहाल डिवाडर है जो कि शंकर आश्रम के पास बने इन डिवाइडरों की हालत से कभी भी जनता चोटिल हो सकती है या जान से हाथ भी धोना पड़ सकता है अगर बात करे सबसे ज्यादा खतरे की तो शंकर आश्रम चौक पर रेड लाइट के सामने एक लोहे का एंगल सड़क की तरफ बाहर निकला हुआ है लेकिन विभागीय कुम्भकर्णीय नींद के कारण लोक निर्माण विभाग के अधिकारी आंखे मूंदे बैठे है और शायद इंतजार में है इस लोहे के एंगल से कब दुर्घटना घटित हो तब जाकर इसे दुरुस्त करने की सोचे,चलो ये तो सिर्फ शंकर आश्रम चौक का मामला रहा है तो वही दूसरी और देवपुरा से तुलसी चौक की सड़क का हाल तो ये पब्लिक है सब जानती है और कुछ समय पहले ही विभाग के अधिशासी अभियंता साहब पर एक पुलिया निर्माण पर भी राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सवालिया निशान लगाया था।

तो वही कुछ समय पहले देहात में बन रही सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर भी विभागीय लापरवाही का आरोप भी लगाया था, और पिछले साल ऋषिकुल चौक के पास ऐसे टूटे डिवाइडर से टकराकर स्कूटी सवार युवती की जान तक जा चुकी है लेकिन तब से अब तक मामला जस का तस है इसी के साथ विभाग के अधिकारियों को जब दूरभाष पर समाचार सम्बन्धी वार्ता या विभागीय जानकारी लेनी हो तो साहब फोन उठाने की जहमत भी नही उठाते, और शहर के कई छेत्रो की सड़को में बड़े बड़े गड्ढे हो गये है लेकिन अधिकारी मस्त और जनता त्रस्त,वही दूसरी और सबसे बड़ा सवाल ये भी खड़ा होता है की धर्मनगरी में कुम्भ मेले की तिथि भी काफी निकट आ गई है और इस तरह की लापरवाही ऐसे ही जारी रही तो इसका क्या संदेश हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं पर जायेगा इसे समझा जा सकता है।

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