हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार। तीज त्यौहार के बाद श्रद्धालु धर्मनगरी कनखल में हर वर्ष शीतला माता के मंदिर दर्शन कर प्रशाद चढ़ाने आते हैं। लेकिन इस बार कोरोंना महामारी के चलते न तो मेले के लिये कोई खिलौने, मिठाई, की दुकान ही लगी न ही  श्रद्धालुओं की पहले वाली भीड़ ही दिखाई दी। सुबह से दोपहर तक स्थानीय जनता माँ शीतला का दर्शन हेतु पूजा करने के लिये आये और शाम तक यह क्रम जारी रहा। पुजारी रचित पाठक ने कोरोना महामारी से बचाव हेतु श्रद्धालुओं का मंदिर में प्रवेश पर रोक लगा रखी थी। उन्हें बाहर से ही दर्शन कराए जा रहे थे। मुख्य पुजारी राकेश गिरी ने मंन्दिर के बारे में बताया कि यह सती माता का जन्मस्थान रहा है। शीतला माता दक्ष प्रजापति  की कुल देवी रही है। जिसका यह प्राचीन मंदिर है। हर साल यहां यहाँ तीज त्यौहार के बाद भव्य मेले का आयोजन किया जाता है। जो कि इस बार स्थानीय प्रशासन के आदेशानुसार नही हो पाया है। पास ही प्रसाद की दुकान लगाने वाली एक महिला न बताया कि कोरोना की वजह से दुकानदारी बहुत ज्यादा प्रभावित हुई। यहाँ श्रद्धालु अपने परिवार की सुख शांति, और विभिन्न प्रकार की बीमारियों से मुक्ति हेतु माता रानी का आर्शीवाद लेने आते हैं। पुजारी राकेश गिरी ने शीतला माता से भारत देश और विश्व की कोरोना महामारी से रक्षा हेतु विनती की है। उन्होंने शीतला माता से अर्धहास लगाई है "कि हे माँ कोरोना हो या अन्य कोई भी बीमारी सब आपके खेल है अब मानवता की रक्षा करते हुवे कोरोना को सदा के लिये विदा कीजिए।
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