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(ब्यूरो) ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में मरीजों व तीमारदारों की सुविधा के लिए बने उत्तराखंड के पहले ऑटो वॉक का एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि सौर ऊर्जा से संचालित होने वाले ऑटो वॉक से लोगों को संस्थान के चारों भवनों में आवागमन की सुविधा मिलेगी। निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो०रवि कांत ने एम्स में नवनिर्मित ऑटो वॉक का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि यह ऑटो वॉक एम्स संस्थान की चार बिल्डिंगों मेडिकल कॉलेज, हॉस्पिटल, ओपीडी ब्लॉक व ट्रॉमा सेंटर को आपस में जोड़ेगा। बताया कि इससे मरीजों व उनके तीमारदारों के साथ साथ एम्स फैकल्टी, चिकित्सकों व स्टाफ को एक से दूसरे भवन में आवागमन की सुविधा मिल सकेगी। बताया कि लोगों के आवागमन की सुविधा के लिए जल्द ही ऑटो वॉक का लोकार्पण किया जाएगा। 
एम्स के अधीक्षण अभियंता अनुराग सिंह व इलेक्ट्रिकल इंजीनियर इंद्रजीत सिंह ने बताया कि जनसुविधा के लिए बनाए गए ऑटो वॉक का प्रावधान एम्स संस्थान के डीपीआर प्रोजेक्ट में किया गया था, जिसका निर्माण कार्यदायी एजेंसी द्वारा किया गया है। उन्होंने बताया कि निर्माण एजेंसी द्वारा ऑटो वॉक के एम्स को हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसका लोकार्पण किया जाएगा। बताया गया कि इस वॉक में बिल्डिंग ए० व बी० तथा बी व सी के बीच 37-37 मीटर के दो पथ व बिल्डिंग ए०बी० व सी० को ट्रॉमा सेंटर से जोड़ने के लिए 75 व 95 मी० के दो पथ का निर्माण किया गया है। नेचुरल एनर्जी (सौर ऊर्जा) से संचालित होने वाले इस ऑटो वॉक से शतप्रतिशत बिजली की बचत होगी व लोगों के एक से दूसरी बिल्डिंग में आने जाने में सहूलियत होगी। इस अवसर पर डीन (एकेडमिक) प्रोफेसर मनोज गुप्ता, डीन (हॉस्पिटल अफेयर्स) प्रो० यूबी मिश्रा, प्रो०ब्रिजेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता एमपी सिंह, एम्स निदेशक के स्टाफ ऑफिसर डाक्टर मधुर उनियाल, डाक्टर अनुभा अग्रवाल आदि मौजूद थे।
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