हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार। उत्तराखंड विद्युत अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा हरिद्वार द्वारा नेशनल कोर्डिनेशनल कमीटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इम्पलाईस एंड इंजीनियरस एन.सी.सी.ओ.ई  आह्वान पर पूरे देश के 15 लाख बिजली कर्मचारियों व अभियंताओं के समर्थन में इलेक्ट्रिसिटी अमुड़मेन्ट बिल 2020 के विरोध में काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज किया। बिजली कर्मचारियों ने इस बात पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया कि कोविड-19 की महामारी से जब पूरा देश एकजुट होकर कोरोना से युद्ध में लगा हुआ है। ऐसे में केंद्र सरकार देश के बिजली निगमो का निजीकरण करने में लगी हुई है। जो कि जनता एवं बिजली विभाग के कर्मचारियों, अधिकारियों के साथ एक प्रकार से धोखा है। जिसके भविष्य में व्यापक दुष्परिणाम देखने को मिलेंगे। इसका अन्य दुष्प्रभाव जनता को महंगी दर से बिजली खरीदने को बाध्य होना पड़ेगा। विद्युत विभाग के कर्मचारियों, अभियंताओ का कहना है कि सरकार की इस जनविरोधी नीति को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नही किया जायेगा। निगम के प्रवक्ता सन्दीप शर्मा ने कहा कि सरकार की विडंबना तो देखो जिन विद्युत कर्मचारियों, अभियंताओ ने लॉक डाउन में भी अपनी और अपने परिवार की जान की परवाह किया बिना दिन रात, आँधी तूफानों में जनता और सरकार को बेहतर बिजली की सेवा दी, उन्हें बजाय कोरोना योद्धाओ के रूप में याद करके सम्मानित कराने के बजाय गैर जिम्मेदार सरकार बनकर निजीकरण का पुरुस्कार दे रही हैं। विरोध प्रदर्शन करने वालो में ई० वीरेन्द्र सिंह पंवार, ई० प्रदीप कुमार, ई० पवन कुमार, ई०एस.के सहगल, जगदीप कुमार, अमीचन्द, प्रियंका गर्ग, प्रियंका अग्रवाल, नीरज सैनी, अरविन्द कुमार, निमेष कुमार, अजय कुमार धीमान, उपेंद्र दत्त सती, सत्यप्रकाश, राजेश कुमार, सन्नी कुमार, दिनेश कुमार, रविकांत के अतिरिक्त प्रवक्ता सन्दीप शर्मा उपस्थित रहे।
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