हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। मानव अधिकार संरक्षण समिति के राष्ट्रिय अध्यक्ष इंजीनियर मधुसूदन आर्य ने ऑनलाइन मीट के माध्यम से लद्दाख में हुई आमने-सामने की लड़ाई में शहीद हुए भारतीय सेना के जवानों को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर दो मिनट का मौन भी रखा गया। उन्होने कहा कि राष्ट्र सैनिकों के साथ खड़ा है। उनके बलिदान को कभी भी नहीं भुलाया जा सकता। मानव अधिकार संरक्षण समिति के संरक्षक जगदीश लाल पाहवा चीन की भारतीय सीमा में टेंट लगाने के कदम का विरोध करने के बाद हुई झड़प में 20 भारतीय जवान शहादत को प्राप्त हुए। शहीदों को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय सेना पर गर्व है जिन्होंने निहत्थे होने के बावजूद हथियारों से लैस चीनी सेना के 43 जवानों को धराशायी किया। देश को जवानों की शहादत पर गर्व है। तोष जैन ने कहा कि देश के लिए शोक की घड़ी है। पूरा देश सेना के साथ खड़ा है। शहीद जवानों की परिजनों के साथ सांत्वना भी प्रकट की। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उद्योग नरेश जैनर ने कहा कि जवानों के शहीद हो जाने से पूरा देश में गम का माहौल है और जनता शहीदों को श्रद्धांजलि दे रही है, राष्ट्रिय अतिरिक्त महामंत्री कमला जोशी ने शहीद हुए हमारे साहसी सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुये कहा कि उनकी वीरता और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। उन्होंने राष्ट्र के लिए अत्यंत समर्पण के साथ काम किया और हमारे नागरिकों की रक्षा के लिए अथक परिश्रम किया। उनके परिवारों के प्रति संवेदना। अंकुर गोयल ने कहा कि जवानों की वीरता और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा, नगर अध्यक्ष रेखा नेगी ने कहा कि जवानों का शहीद होना दुखद है। उन्होंने देश के हित में अदम्य साहस का परिचय देते हुए बड़ा बलिदान दिया है, उनका यह बलिदान और साहस कभी भुलाया नहीं जा सकता है, इससे पूर्व भारतीय सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान के प्रति श्रद्धा दिखाते हुए शहीदों को श्रद्धांजलि दी। शिवालिक नगर अध्यक्ष सतीश अग्रवाल एवं प्रांतीय सचिव हेमंत सिंह नेगी  ने कहा कि जवानों ने संघर्ष में साहस की मिसाल पेश की और उनकी बहादुरी और संघर्ष को हमेशा याद किया जाएगा। उन्होने रोष प्रकट करते हुए कहा चीन की फौज ने भारतीय सीमा में घुसकर जिस तरह से घटना को अंजाम दिया है, वो बर्दाशत करने योग्य नहीं है। भारत सरकार से मांग करते हुए कहा कि चीन को सबक सिखाने के लिए कड़ा कदम उठाया जाए। वहीं प्रोफेसर मनुदेव बंधु, अन्नपूर्णा भादुनी, रत्नेश गौतम, आर्य प्रवीण वैदिक, सुशीला श्रीवास्तव, डी के पांडे, विमलेश सिंह, गोपाल शर्मा, एडवोकेट, राम गोपाल वर्मा, डॉ पंकज कौशिक ने भी चीन की नापाक हरकत पर रोष जताया और सरकार से चीन को कड़ा जवाब देने की मांग की।
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