हरिद्वार की गूंज (24*7)
(फिरोज अहमद) लक्सर। रईस पुत्र लियाकत अली निवासी बुक्कनपुर ने हरिद्वार एसएसपी के यहां रजिस्ट्री कर बताया कि 26 मई समय लगभग 11:00 बजे दिन में मेरी पत्नी अपने मायके सराय में ईद मिलन के लिए गई थी उन्होंने बताया कि तभी उसके पिता और आदि अन्य निवासी जोरासी जबरदस्तपुर ने मेरी पत्नी के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और मारपीट करते हुए उसकी हत्या करने की नियत से सब ने एक राय होकर उसकी खीर में जहर मिलाकर उसको जबरदस्ती खीर खिलाई और कहा कि अब तेरा काम खत्म हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इस दौरान खीर खाते ही मेरी पत्नी के पेट में दर्द होने लगा तो मेरी पत्नी ने मुझे फोन करके इसकी सूचना दी। मैंने तुरंत सो नंबर पर फोन कर दिया और 108 एम्बुलेंस तुरंत वहां पहुंच गई लेकिन उन्होंने एंबुलेंस में मेरी पत्नी को नहीं जाने दिया और 108 को वापस कर दिया गया। मेरी पत्नी बमुश्किल उनके चुंगल से निकल आई। मैं अपनी पत्नी को लेकर थाने आया तो थाने में मौजूद कर्मचारियों ने कहा कि पहले तुम इनको अस्पताल ले जाओ इनका इलाज करा लो मैं फिर तुरंत अपनी पत्नी को लेकर सरकारी अस्पताल हरिद्वार में गया जहां पर कोरोना बीमारी के कारण दवा देकर हमें वापस कर दिया गया। फिर मैं अपनी पत्नी को लेकर लक्सर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा जहां मेरी पत्नी की हालत को देखते हुए डॉक्टरों द्वारा उसे इलाज के लिए रेफर कर दिया गया। फिर मैंने अपनी पत्नी का इलाज भूमानंद अस्पताल ज्वालापुर हरिद्वार में कराया जहां मेरी पत्नी 1 दिन भर्ती भी रही उन्होंने बताया मेरी पत्नी की अभी भी तबीयत खराब है। उन्होंने बताया जब हम दोनों ज्वालापुर कोतवाली पुलिस को तहरीर देने गए तो वहां पर पहले से ही मौजूद दबंग व्यक्ति मौजूद थे। जिन्होंने मेरी पत्नी को देखते ही गाली गलौज करना शुरू कर दिया और हमारे दोनों के तीन चार कोरे कागजों पर साइन करा लिये और कहा कि यहां से निकल जाओ इस थाने में वही होगा जो हम चाहेंगे मैं और मेरी पत्नी बहुत ज्यादा डर गए थे उन्होंने बताया कोतवाली ज्वालापुर पुलिस द्वारा हमारी कोई भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। पीड़ित ने अब दुखी होकर हरिद्वार एसएसपी को आज रजिस्ट्री कर इंसाफ की गुहार लगाते हुए ज्वालापुर कोतवाली पुलिस को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने के आदेश की गुहार लगाई है।
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