हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। कोरोना (COVID-19) के खिलाफ इस जंग में हर कोई अपने अपने तरीके से कोरोना को मात देने में जुटा है। कोरोना से लॉकडाउन होने से सबसे ज्यादा मार गरीब परिवारों पर पड़ रही है। काम धंधा बन्द होने से दिहाड़ी मजदूरों के साथ ही रोज कमाने और खाने वाले परिवारों के सामने खाद्यान का बड़ा संकट खड़ा हो गया। ऐसे ही बेसहारा और जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए धर्मनगरी हरिद्वार में रामकृष्ण मिशन सेवाआश्रम कनखल के स्वामी नित्यसुद्धानंद महाराज के आदेश अनुसार रामकृष्ण मिशन सेवाआश्रम के साधु संत आगे आए हैं। 
धर्मनगरी के क्षेत्रों में रहने वाले गरीब परिवारों की बड़े अस्तर से मदद की जा रही है। साधु संतों द्वारा इलाके के गरीब परिवारों को चिन्हित कर उन्हें पांच किलो चावल, पांच किलो आटा, आलू, सोयाबीन, तेल, नमक, मिर्च, हल्दी, धनिया, चने की दाल, साबुन का बैग और मास्क वितरित किये जा रहें है। बैग की खाद्य सामग्री लगभग 10 से 15 दिन तक चलेगी। साथ ही साथ साधु संत कोरोना वायरस से बचाव के लिए पंपलेट और लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को जागरूक भी कर रहे हैं। वही आज भीमगोडा स्थित गंगा किनारे चार सौ गरीब परिवारों को खाद्य सामग्री वितरित की गई। गरीब लोगों को राशन बांटने के इस कार्य में सोशल डिस्टेंसिंग का भी पूरा ध्यान रखा गया है। 
लाइने लगाकर निश्चित दूरी पर लोगों को खड़ा कर राशन का वितरण किया गया है। इस मौके पर सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन न हो, इसके लिए हर की पौड़ी पुलिस चौकी इंचार्ज अरविंद रतूड़ी भी मौजूद रहे। वही स्वामी दयाधिपानन्द ने बताया कि कोरोना को लेकर लॉकडाउन में गरीब परिवारों के लिए सरकार के साथ ही कई स्वयंसेवी संस्थाएं भी मदद में जुटी हैं। संत महात्मा भी संकट की इस घड़ी में लोगों की मदद के लिए आगे आकर मदद कर रहे हैं। जिसका उदाहरण रामकृष्ण मिशन सेवाआश्रम द्वारा प्रतिदिन सैकड़ों जरूरतमंदों की मदद कर रहा है। और आज भी गरीब परिवारों को साडे तीन सौ खाद्य सामग्री के बैग बांटे गए हैं। उन्होंने कहा कि रामकृष्ण मिशन सेवाआश्रम आगे भी गरीब परिवारों की मदद जारी रखेगा। स्वामी दयाधिपानन्द ने कोरोना को हराने के लिए लोगों से लॉकडाउन का सख्ती से पालन करने की भी अपील की है। उन्होंने कहा है कि देश की सरकार कोरोना को लेकर बेहतर कदम उठा रही हैं। ऐसे में हम उनके निर्देशों को अमल में लाकर ही कोरोना को परास्त कर सकते हैं। पुण्य कार्य में स्वामी अनाद्यानंद, स्वामी महाकालानंदा, ब्रह्मचारी सचिन, रूपक, अमरजीत, किशन, जनार्धन, गोकुल, सुनील मुखर्जी व आश्रम के सन्यासी एवं कर्मचारी आदि उपस्थित रहें।

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