हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) देहरादून। भव्य जैन पुत्र जितेंद्र जैन नि० सी-404 पट्टीग्राम अपार्टमेंट सोसाइटी, भगत सिंह पथ बजरंगपुरी, बिस्कोमॉन कॉलोनी पटना बिहार। हाल जंगल व्यू रिट्रीट, देहरादून ने थाना आकर लिखित शिकायत दी कि एक व्यक्ति जिसका नाम ज़ाकिउल्लाह ज़ाहिराहमद पारकर उर्फ जैक पारकर जो ऑस्ट्रेलिया सिटीजन है, मेरी साली नंदिता इसको करीब 2015 से जानती हैं, और उसके साथ काम कर रही है, अपनी साली के माध्यम से ही इससे मुलाक़ात हुई थी, क्योंकि ये ऑस्ट्रेलियन सिटीजन है, मै ऑस्ट्रेलियाई  के लिए इनसे सलाह लिया तो इसके बदले में उन्होंने मुझे अपनी कंपनी बुलियन बैट्स जो क्रिकेट का सामान बनाती है, ऑस्ट्रेलिया प्राईवेट लिमिटेड  में जॉब का आफर दिया, इन्होंने मुझे एक नेक रसिया कोर्पोरेशन जो ऑस्ट्रेलियाई कंपनी है, जिस पर इसने मुझे उस कंपनी के लैटर हेड और अपनी कंपनी के लैटर हेड पर पेपर भेजे, अपनी पुष्टि के लिए मैने अपनी साली से सलाह ली जो इस कंपनी में कार्यरत थी, और वह सब पेपर सही दिखाए गए, इन दोनों कंपनी में सैलरी का पूरा व्योरा दिया था कि मुझे इस जॉब के लिए कितना पैसा देना है, और मुझे इस आदमी ने कहा कि यह पैसा मुझे इंडिया में दिया जाए, और वह अपनी कंपनी से सारा पैसा देकर मेरा pr/work permit कराएंगे, मैने अपने डॉक्यूमेंट इसको दिए, इसने मुझसे इस जॉब के लिए बदले में 27 लाख रुपये और नंदिता से 14 लाख रुपये लिए, यह रूपया किसी शुभम मीर शर्मा के तीन बैंक के खातों में डलवाया गया, आज मुझे व मेरी साली को पता चला कि इस व्यक्ति ने जिस अकॉउंट में पैसा डलवाया था वह फर्जी दूसरे नाम से बनाये हुए अकाउंट भी इसी के है, नेट के माध्यम से कंपनी के संबंध में जानकारी ली गयी तो मालूम हुआ कि उक्त बुलियन बैट्स नाम की वर्तमान में कोई कंपनी नही है, और यह कंपनी 2015 में बंद हो चुकी है, इसका असली नाम ज़ाकिउल्लाह ज़ाहिरहमद पारकर है और फर्जी नाम जिससे इसने फर्जी नाम से खाते खुलवाए वह नाम शुभम मीर शर्मा है, इसी नाम से इसने आधार व पैन कार्ड आदि भी बना रखे हैं, इसके द्वारा फर्जी दस्तावेज तैयार कर हम दोनों से करीव 41 लाख रुपये विदेश में नौकरी का झासा देकर हड़प लिए है, तथा यह व्यक्ति वर्तमान में देहरदुन में ही है, इस सूचना पर तत्काल उचित धाराओ में अभियोग पंजीकृत कर श्री पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को अवगत कराया जिस पर द्वारा उक्त प्रकार के फ़्रॉड को गंभीरता से लेते हुए उक्त मामले की गहनता से जांच कर अंतरराष्ट्रीय फ़्रॉड अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए, जिस पर पुलिस अधीक्षक नगर व क्षेत्राधिकार डालनवाला  के निकट पर्यवेक्षण तथा थानाध्यक्ष राजपुर के नेतृत्व में थाना स्तर पर टीम गठित कर जांच प्रारम्भ की गई, जिसमे ज्ञात हुआ कि उक्त व्यक्ति द्वारा पूर्व में ऑस्ट्रेलिया में भी फ़्रॉड के केस में 6 महीने जेल रह चुका है, वहा पर भी लोगो से फ़्रॉड करके पैसा ऐंठकर भारत आ गया था, उक्त की तलाश हेतु लोकल पुलिस सूत्रों को अवगत कराया गया, तथा उक्त की तलाश प्रारम्भ की गई इसी क्रम में आज दिनांक 23 फरवरी को सूचना मिली कि उक्त व्यक्ति भागने के फिराक में है, इस सूचना पर उक्त व्यक्ति को मंसूरी रोड से गिरफ्तार करने सफलता प्राप्त की गई, इसके कबजे से एक पास पोर्ट, फर्जी नाम से आधार कार्ड व पैन कार्ड, लैपटॉप,मोबाइल आदि बरामद हुए। अभियुक्त को कल माननीय न्यायालय पेश किया जाएगा है, नाम पता गिरफ्तार अभियुक्त ज़ाकिउल्लाह ज़ाहिराहमद पारकर पुत्र स्व० ज़ाहिर पारकर नि०58 नाटिंघम गार्डन्स बल्लजुरा 6066, ऑस्ट्रेलिया उम्र 53 वर्ष,
फर्जी नाम- शुभन मीर शर्मा पुत्र मीर शर्मा नि0 80/633 महृषि नगर, पुणे शहर, महाराष्ट्र-411037, बरामदगी का विवरण फर्जी नाम से एक आधार कार्ड फर्जी नाम से एक पेन कार्ड असली नाम का expire australian पास पोर्ट
एक लैपटॉप (एप्पल कंपनी)
एक मोबाइल फ़ोन (वीगो कंपनी) 4 चेक बुक (बिभिन्न बैंक) पूछताछ का विवरण
अभियुक्त जकीउल्ला पार्कर पुत्र जहीर अहमद उम्र -52 वर्ष नि0 58 Nottingttan Garden Ballajura Westeron Austrailia 6066 हाल- 704 बेस्ट पार्क एवेन्यू मालसी मसूरी रोड़ राजपुर देहरादून ने पूछने पर बताया कि मेरा जन्म मुम्बई का है, मेरे पिता श्री जहीर अहमद रत्नागिरी महाराष्ट में पॉली टैक्निक कॉलेज में टीचर थे माता मुमताज गृहिणी थी मेरी एक बहिन जाकिरा है, जो कि आस्ट्रेलिया में अपने पति श्री बदरूद्दीन के साथ रहती है, मैने   10 वीं रत्नागिरी से करी तथा 11वीं से MA (साइकोलॉजी)तक की पढ़ाई पुणे यूनिवर्सिटी के की मेरी बहिन आस्ट्रेलिया में रहती थी तो उसने हम सभी को आस्ट्रेलिया बुलाया तो वर्ष 1991 में हम सब लोग आस्ट्रेलिया चले गये, मेरे पिता ने वहां Dianella में टीचर की नौकरी करी तथा वर्ष 2008 में वह रिटायर हुए, मैने आस्ट्रेलिया पहुँचकर पहले 06 माह टेली मार्केटिंग में जॉब करी फिर गोल्ड माईनिंग की कम्पनी में लगभग 1 साल काम किया वर्ष 1992 में मेरी शादी शर्मिला से आस्ट्रेलिया में हुई शर्मिला और मैने पूणे यूनिवर्सिटी में एक साथ पढ़ाई करी थी हमारे 14 साल के 02 जुड़वा बच्चे है, एक लड़का समीर व लड़की सारा है, वर्ष 1993 में मुझे जुआ खेलने की लत लग गयी थी तो मैने किसी से 9 हजार आस्ट्रेलियन डॉलर लिया था तो पैसा न पाने के कारण मै 6 महीना जेल चला गया, वर्ष 1997 में मेरी सरकारी विभाग में ट्रेनिंग डिपार्टमेंट में काउंसलर के पद पर नौकरी लग गयी मैने उसी डिपार्टमेंट में परमोशन कर मैनेजर बन गया, वर्ष 2005 के अंत में मुझे दुबई से जॉब ऑफर हुई और वर्ष 2006 में मैने दुबई में G4S कम्पनी में रीजनल डायरेक्टर ऑफ हूमन रिसोर्स वर्ष 2011 तक काम किया फिर उसके बाद में आस्ट्रेलिया वापस आ गया और वर्ष 2012 में मैने आस्ट्रेलिया में सरकारी विभाग में एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट में मैनेजर की जॉब सुरू करी, मुझे जुए की लत पहले से ही थी, जिसमें मेरा काफी पैसा डूब जाता था और घर में मेरा पत्नी से भी झगड़ा होता रहता था, वर्ष 2015 में मैने अपनी 60 हजार आस्ट्रेलियन डॉलर की Bullian कम्पनी खोली जिसमें क्रिकेट के सामान आदि बनाये जाते थे  इसके लिए सामान का ऑर्डर देने के लिए मै इण्डिया आता जाता था, वर्ष 2015 में मैने लिंक्ड इन पर नंदिता को मैसेज किया था तो उसने रिप्लाई किया था कि वह बाटा कम्पनी में काम कर रही है। मै अपनी कम्पनी में लैदर के बैग इत्यादि बनाता था, नंदिता को इस सम्बन्ध में अच्छी जानकारी थी तो मैने उसे वर्ष 2017 में अपनी आस्ट्रेलियन Bullian कम्पनी में ऑपरेशनल मैनेजर के लिए ऑफर किया तो तब से वह मेरे साथ काम कर रही थी, नंदिता की सैलरी 80 हजार थी, वह उस समय गुड़गांव में रहती थी और जब भी मै इण्डिया में जालन्धर व मेरठ में अपने ऑर्डर की देखरेख हेतु यहां आता था तो उससे मिलता था और गुड़गांव में ही उसके साथ फ्लैट पर रहता था, फिर वर्ष 2018 में हमने यहां मालसी में फ्लैट लेकर रहने लगे, नंदिता ने मुझसे कहा था कि उसके ब्रदर इन लॉ  चाईना में जॉब कर रहा है, तो जब कभी नंदिता कम्पनी के काम से चाईना जाती थी तो उसके सभी कम्पनी के खर्चे  वही उठाता था, तो मैने कहा था कि कम्पनी के टूर पर हुए खर्चें को मै दे दूँगा, नंदिता नें मुझसे कहा था कि उसके ब्रदर को जॉब के लिए आस्ट्रेलिया जाना है, तो मैने अपने व अपने दूसरे नाम के खातों में लाखो रूपये मंगाये मैने उससे लगभग 26 लाख रूपये आस्ट्रेलिया में नौकरी लगाने के नाम पर ले लिये, वर्ष 2018 में ही मेरी पत्नी और मेरे बीच काफी झगड़ा होने लगा था तो वहां पर हमने डिवोस के लिए एप्लाई कर दिया फिर जब मै देहरादून आया तो मेरे देहरादून पहुँचने के 02 दिन बाद ही मेरी माता जी की मृत्यू हो गयी और मेरे पिता की वर्ष 2012 में मृत्यू हो चुकी थी, कम्पनी को बहुत घाटा हो चुका था तो नंदिता से भी मैने नौकरी लगाने के एवज में 13 लाख रुपये ले लिए थे और कई लोगो से भी नौकरी के नाम पर ऑस्ट्रेलिया में लाखों रुपये ले लिए थे, जब वहां लोग परेशान करने लगे तो में, इंडिया भाग आया था, मै मुस्लिम था और नंदिता हिन्दू थी, जिससे मुझे नंदिता के साथ होटल, फ्लैट में रूकने मे परेशानी होती थी तो मैने अपनी पहचान छिपाने के लिए शुभन मीर शर्मा के नाम से अपना फर्जी आधार कार्ड, पेन कार्ड बनाये व बैंक खाता भी खुलवाया, तथा मुम्बई में भी कई लोगो से नौकरी के नाम पर इन्ही खातों में पैसा मंगाया था, चूँकि मेरी कम्पनी बंद हो चुकी थी और मैने नंदिता, भव्य जैन व अपने दोस्त आदि लोगों से आस्ट्रेलिया में नौकरी के नाम पर लाखों रूपये हड़प लिया था इसलिए मे अब आस्ट्रेलिया भागने की फिराक में था तो भव्य जैन व नंदिता की कम्पलेन पर पुलिस ने मुझे पकड़ लिया, इसके कबजे से प्राप्त पासपोर्ट, लैपटॉप व मोबाइल के निरीक्षण से पाया कि यह ऑस्ट्रेलियन सिटीजन शिप धारी व्यक्ति है, तथा वर्तमान में इसका ऑस्ट्रेलियन पासपोर्ट 2018 में डेट एक्सपायर हो चुकी है, तथा इसके पास वर्तमान में भारत की नागरिकता का कोई प्रामाणिक दस्तावेज नही है, बरामद आधार कार्ड व पेन कार्ड फर्जी बनाया गया है, जिसका उपयोग इसके द्वारा तीन बैंक अकाउंट खोलने में किया गया है, लैपटॉप में मेल चेक करने पर पाया कि इसके द्वारा अन्य बहुत से लोगो को कंपनी की फर्जी मेल बनाकर नौकरी में अच्छी सैलेरी पैकेज का लालच दिया गया हैं, अन्य प्राप्त तथ्यों का गहनता से परीक्षण/विश्लेषण कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। अन्य पूछताछ हेतु लोकल अभिसूचना इकाई व इंटेलिजेंस बयूरो को भी सूचित किया गया है, तथा उक्त ऑस्ट्रेलियन नागरिक की गिरफ्तारी की सूचना द्वारा उचित माध्यम ऑस्ट्रेलियन एम्बेसी को प्रषित की जा रही है, इस प्रकार राजपुर पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए अवैध रूप से राह रहे ऑस्ट्रेलियन नागरिक जो तमाम लोगो से फ़्रॉड कर चुका है, को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की गई है, जिसकी उच्चाधिकारी गणो व जनता द्वारा प्रशंसा की गई है। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष अशोक राठौड़, वरिष्ठ उपनिरीक्षक संदीप रावत, उपनिरीक्षक ज्योति प्रसाद उनियाल, कानि० आनंद कुमार, कानि० सुशील कुमार, कानि० अमित भट्ट, कानि० चंद्रपाल, कानि० अरविंद व  कानि० चालक महावीर रहें।
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