हरिद्वार की गूंज (24*7)
(फिरोज अहमद) लक्सर। लक्सर में कावड़िए की हालत अचानक बिगड़ गई, इसकी सूचना 108 एंबुलेंस को दी गई, सूचना पाकर 108 एंबुलेंस सेवा पथरी कावड़िया को लेने पहुंची, लेकिन सरकार की 108 एंबुलेंस सेवा ने कमाल कर दिया, वह उसको वहां से सरकारी अस्पताल की बजाय एक प्राइवेट नर्सिंग होम लक्सर में लेकर आई, जबकि नियमानुसार घायल व्यक्ति को पास के हॉस्पिटल में ही दिखाना पड़ता है, बावजूद इसके 108 एंबुलेंस सेवा सरकार को पलीता लगा रही है और उसके कर्मचारी अपनी जेब भरने के चक्कर में लग रहे हैं, ऐसा लगता है कि उन्हें मरीजों से कोई सरोकार नहीं रह गया है और उच्चधिकारी भी इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं आपको बताते चलें कि कावड़िया मेरठ का रहने वाला है और वह हरिद्वार से गंगाजल भरकर वापस लौट रहा था, तभी पथरी रेलवे स्टेशन के पास उसकी हालत बिगड़ गई, जिस पर 108 एंबुलेंस सेवा को बुलाया गया, मगर कमाल की बात है कि वहां से हरिद्वार की दूरी मात्र 15 किलोमीटर है और लक्सर की दूरी 25 किलोमीटर, लेकिन सरकारी एंबुलेंस के कर्मचारी अपने निजी लाभ के वजह से उसको हरिद्वार ना ले जाकर लक्सर एक प्राइवेट अस्पताल में लाकर भर्ती कर दिया, अब देखना यह होगा कि क्या ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई हो पाएगी या नहीं, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा या ऐसे ही 108 एंबुलेंस के कर्मचारी प्राइवेट हॉस्पिटल में मरीजों को भर्ती करते रहेंगे और अपनी जेब भरते रहेंगे।



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