हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार। स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 के लिये भारत सरकार की टीम विभिन्न शहरो में सर्वे कर रही है। इस स्वच्छ सर्वेक्षण में हरिद्वार की अपेक्षा रुड़की की दावेदारी इसलिए ज्यादा अपेक्षित है क्योंकि वहाँ के नवनियुक्त मेयर गौरव गोयल की शहर के प्रति मानसिकता और आवश्यकता कुछ अलग ही है। जबकि इसके विपरीत हरिद्वार में पिछले कई महीनों और सालों से नगर निगम हरिद्वार और हरिद्वार के कई जिम्मेदार मंत्री, मेयर और स्थानीय प्रशासन स्वच्छता के प्रति दूर-दूर तक गम्भीर नही है। हरिद्वार शहर के बहुचर्चित स्थान "रानीपुर मोड़" जहाँ पिछले कई वर्षों से महिलाओ और आम जनता की सुविधा हेतु अभी तक शुलभ शौचालय तक नही है। अवधूत मंडल आश्रम के निकट मेटाडोर स्टैंड जहां लक्सर से आने वाले यात्री जिनमे महिला भी होती है वहाँ भी महिलाओं के सम्मान हेतु शौचालय का न होना दर्शाता है कि स्थानीय प्रशासन महिलाओं के सम्मान और स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में भाग लेने हेतु कितना गम्भीर है। इस विषय मे जब हरिद्वार की गूंज ने नगर निगम कमिश्नर राणा से बात की तो उन्होंने निम्न स्थानों पर अस्थायी शौचालय रखवाने की बात की, लेकिन अभी तक उनकी बात के अनुसार सुखद परिणाम दिखाई नही दिए हैं। जबकि अभी स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 की सर्वे करने वाली टीम का हरिद्वार में आना शेष है। ऐसे में बेहतर हो कि समय रहते शहर की हालात महिलाओं हेतु सकारात्मक की जाय। उससे भी ज्यादा निराशाजनक बात ये है कि इस विषय मे कोई महिला संघटन, राजनीति दल, व्यापार मंडल और एलआईसी हरिद्वार जनहित में कुछ करने के मूड में नही है। महिलाओं के सम्मान में बडी बडी बाते तो सभी।कर लेते हैं मगर धरातल पर ठोस कदम उठाने को कोई तैयार नही होता। इससे स्पष्ट होता है कि हमारा प्रशासन और नगर निगम स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में भाग लेने हेतु कितना गम्भीर है।
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